{"_id":"62b09e89b6479019fe70f79f","slug":"double-tax-being-collected-from-pilgrims-again-rishikesh-news-drn4151147110","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीर्थयात्रियों से फिर वसूला जा रहा डबल टैक्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीर्थयात्रियों से फिर वसूला जा रहा डबल टैक्स
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत पौड़ी का नीलकंठ धाम में पर्यटकों से अवैध लूट खसोट का सिलसिला जारी है। लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर गरुड़चट्टी में जिला पंचायत पर्यटकों से सुविधा के नाम पर टैक्स ले रही है। नीलकंठ धाम में सैलानियों को अपने वाहन पार्किंग का सौ रुपये शुल्क देना पड़ रहा है, जिससे पर्यटक अपने को ठगा से महसूस कर रहे हैं।
नीलकंठ धाम में मंदिर परिसर से करीब डेढ़ किमी पहले जिला पंचायत श्रद्धालुओं से सुविधा के नाम पर टैक्स वसूला करती थी, लेकिन अधिक मुनाफा कमाने की फेर में जिला पंचायत अब गरुड़चट्टी में यह शुल्क वसूल रही है। यही नहीं पंचायत की ओर से यहां हेंवलघाटी क्षेत्र में संचालित कैंपों में जाने वाले पर्यटकों के वाहनों से भी धड़ल्ले से वसूली की जा रही है। जबकि इन पर्यटकों को नीलकंठ धाम से कोई लेना देना नहीं है, यह पर्यटक तो केवल घट्टूगाड़, रत्तापानी, बिजनी, नैल, बैरागढ़, मोहनचट्टी आदि क्षेत्रों में जाकर वहां कैंपिंग का आनंद लेते हैं। इसके लिए वह कैंप संचालकों को बकायदा भुगतान करते हैं। पर्यटकों की ओर से कई बार इसका विरोध करने पर झगड़े की स्थिति बन जाती है। हकीकत में जो पर्यटक दर्शनार्थ के लिए नीलकंठ धाम जाते हैं, उनके लिए वहां जिला पंचायत की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है। मंदिर परिसर में शौचालय बदहाल बने हुए हैं। सफाई व्यवस्था चरमरा रही है। श्रद्धालु अपने वाहनों को निजी पार्किंग में खड़ा कर रहे हैं, जहां उनसे सौ रुपये का शुल्क वसूला जा रहा है। दिल्ली से नीलकंठ मंदिर पहुंचे सौरभ जैन और हरियाणा के नीरज सक्सेना ने बताया कि नीलकंठ धाम में आने के लिए उन्होंने गरुड़चट्टी में टैक्स दिया है, लेकिन यहां उन्हें वाहन पार्किंग का सौ रुपये अतिरिक्त शुल्क देना पड़ा। उन पर दोहरी मार पड़ी है।
पंचायत की ओर से नीलकंठ धाम में सुविधाएं भी दी जा रही है, जिसके लिए टैक्स लिया जा रहा है। पार्किंग निजी है तो उसमें वाहन खड़ा करने पर चालकों को भुगतान करना होगा।
विज्ञापन
शांति देवी, अध्यक्ष जिला पंचायत पौड़ी
विज्ञापन
नीलकंठ धाम में मंदिर परिसर से करीब डेढ़ किमी पहले जिला पंचायत श्रद्धालुओं से सुविधा के नाम पर टैक्स वसूला करती थी, लेकिन अधिक मुनाफा कमाने की फेर में जिला पंचायत अब गरुड़चट्टी में यह शुल्क वसूल रही है। यही नहीं पंचायत की ओर से यहां हेंवलघाटी क्षेत्र में संचालित कैंपों में जाने वाले पर्यटकों के वाहनों से भी धड़ल्ले से वसूली की जा रही है। जबकि इन पर्यटकों को नीलकंठ धाम से कोई लेना देना नहीं है, यह पर्यटक तो केवल घट्टूगाड़, रत्तापानी, बिजनी, नैल, बैरागढ़, मोहनचट्टी आदि क्षेत्रों में जाकर वहां कैंपिंग का आनंद लेते हैं। इसके लिए वह कैंप संचालकों को बकायदा भुगतान करते हैं। पर्यटकों की ओर से कई बार इसका विरोध करने पर झगड़े की स्थिति बन जाती है। हकीकत में जो पर्यटक दर्शनार्थ के लिए नीलकंठ धाम जाते हैं, उनके लिए वहां जिला पंचायत की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है। मंदिर परिसर में शौचालय बदहाल बने हुए हैं। सफाई व्यवस्था चरमरा रही है। श्रद्धालु अपने वाहनों को निजी पार्किंग में खड़ा कर रहे हैं, जहां उनसे सौ रुपये का शुल्क वसूला जा रहा है। दिल्ली से नीलकंठ मंदिर पहुंचे सौरभ जैन और हरियाणा के नीरज सक्सेना ने बताया कि नीलकंठ धाम में आने के लिए उन्होंने गरुड़चट्टी में टैक्स दिया है, लेकिन यहां उन्हें वाहन पार्किंग का सौ रुपये अतिरिक्त शुल्क देना पड़ा। उन पर दोहरी मार पड़ी है।
विज्ञापन
पंचायत की ओर से नीलकंठ धाम में सुविधाएं भी दी जा रही है, जिसके लिए टैक्स लिया जा रहा है। पार्किंग निजी है तो उसमें वाहन खड़ा करने पर चालकों को भुगतान करना होगा।
विज्ञापन
शांति देवी, अध्यक्ष जिला पंचायत पौड़ी