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दैवीय आपदा से फिर सहमे बैरागढ़ के ग्रामीण
rishikesh
Updated Tue, 06 Sep 2016 01:34 AM IST
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मूसलाधार बारिश
- फोटो : amar ujala
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रविवार देरशाम हुई मूसलाधार बारिश से यमकेश्वर ब्लॉक के बैरागढ गांव के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लगातार हो रही तेज बारिश में गांवों के दोनों ओर बह रहे गदेरे उफान पर आ गए। पानी के तेज बहाव के कारण जगह-जगह भू-कटाव होने लगे। सुबह के समय बारिश बंद होने के बाद ग्रामीणों की जान में जान आई। पौड़ी प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की सुध लेने को तैयार नहीं है।
अगस्त 2014 में दैवीय आपदा ने बैरागढ़ गांव में भारी तबाही मचाई थी। दो वर्ष से डरे सहमे लोग किसी तरह धीरे-धीरे अपना जीवनयापन शुरू करने में जुटे हुए हैं। ग्राम प्रधान अरुण जुगलान ने बताया कि अगस्त महीने में मनरेगा योजना से एक लाख की लागत से ग्रामीणों ने गांव की सुरक्षा के लिए गदेरों में सुरक्षा तटबंध बनाए थे। इन्हीं तटबंधों के कारण रविवार रात हुई तेज बारिश ने पानी की धारा को गांव के आबादी क्षेत्र में घुसने बचा दिया। उन्होंने बताया कि गांव और ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई बार पौड़ी प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन प्रशासन उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं हैं।
गांव के गदेेरे में पानी बढ़ने की कोई जानकारी नहीं है, यदि ऐसा है तो जल्द ही गांव के आसपास क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का इंतजाम किया जाएगा।राजस्व विभाग कर्मियों को निरीक्षण के लिए गांव में भेजा जाएगा। -गोपालराम बिनवाल, एसडीएम कोटद्वार।
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अगस्त 2014 में दैवीय आपदा ने बैरागढ़ गांव में भारी तबाही मचाई थी। दो वर्ष से डरे सहमे लोग किसी तरह धीरे-धीरे अपना जीवनयापन शुरू करने में जुटे हुए हैं। ग्राम प्रधान अरुण जुगलान ने बताया कि अगस्त महीने में मनरेगा योजना से एक लाख की लागत से ग्रामीणों ने गांव की सुरक्षा के लिए गदेरों में सुरक्षा तटबंध बनाए थे। इन्हीं तटबंधों के कारण रविवार रात हुई तेज बारिश ने पानी की धारा को गांव के आबादी क्षेत्र में घुसने बचा दिया। उन्होंने बताया कि गांव और ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई बार पौड़ी प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन प्रशासन उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं हैं।
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गांव के गदेेरे में पानी बढ़ने की कोई जानकारी नहीं है, यदि ऐसा है तो जल्द ही गांव के आसपास क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का इंतजाम किया जाएगा।राजस्व विभाग कर्मियों को निरीक्षण के लिए गांव में भेजा जाएगा। -गोपालराम बिनवाल, एसडीएम कोटद्वार।
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