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वन दरोगा और वन आरक्षी का निलंबन निरस्त करने की मांग
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पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार के बाद वन दरोगा और वन आरक्षी के निलंबन के मामले में अब सहायक वन कर्मचारी संघ ने मामले में राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क निदेशक को पत्र सौंपा है। जिसमें उन्होंने पर्यटकों पर जबरन रात्रि के समय गौहरीरेंज के बैरियर को पार करने की बात लिखी है। संघ ने निलंबित कर्मचारियों का निलंबन निरस्त करने की मांग की है। ऐसा न होने पर संघ ने फायर सीजन में कार्य बहिष्कार करने के साथ ही पार्क के गेटों को भी बंद करने की भी चेतावनी दी है।
सोमवार को सहायक वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एसपी जखमोला और सचिव हसन सहित संगठन के अन्य लोगों ने सोमवार को देहरादून में राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क निदेशक अखिलेश तिवारी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बीते 29 मार्च की रात्रि को वन दरोगा अनिल कुमार और वन आरक्षी हरीश कुमार गौहरी रेंज के गेट पर ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान कुछ पर्यटक रात्रि के समय गेट से हरिद्वार जाने की बात कहने लगे। जिस पर तैनात कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि सूर्यास्त के बाद इस मार्ग पर आवाजाही सुरक्षा के तौर पर बंद रखा गया है। लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने कर्मचारियों से गाली-गलौज की है। कर्मचारियों का निलंबन बिना तथ्यों की जानकारी के किया गया है। उन्होंने पार्क निदेशक से दोषी पर्यटकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए दोनों कर्मचारियों का निलंबन का आदेश निरस्त करने की मांग की है।
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सोमवार को सहायक वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एसपी जखमोला और सचिव हसन सहित संगठन के अन्य लोगों ने सोमवार को देहरादून में राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क निदेशक अखिलेश तिवारी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बीते 29 मार्च की रात्रि को वन दरोगा अनिल कुमार और वन आरक्षी हरीश कुमार गौहरी रेंज के गेट पर ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान कुछ पर्यटक रात्रि के समय गेट से हरिद्वार जाने की बात कहने लगे। जिस पर तैनात कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि सूर्यास्त के बाद इस मार्ग पर आवाजाही सुरक्षा के तौर पर बंद रखा गया है। लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने कर्मचारियों से गाली-गलौज की है। कर्मचारियों का निलंबन बिना तथ्यों की जानकारी के किया गया है। उन्होंने पार्क निदेशक से दोषी पर्यटकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए दोनों कर्मचारियों का निलंबन का आदेश निरस्त करने की मांग की है।
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