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पखवाड़े भर में दो मौते, पांच से अधिक घायल
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Thu, 10 Dec 2015 01:57 AM IST
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नेशनल हाईवे के निर्माण में जुटी एजेंसी की लापरवाही के चलते रायवाला मुख्य बाजार की एक किमी सड़क डेंजर जोन बनी हुई है। कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते जगह-जगह छोड़े गए आधे-अधूरे निर्माण कार्य और यातायात सुरक्षा संकेतों के अभाव में हुई दुर्घटनाओं में एक पखवाड़े में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब आधा दर्जन लोग गम्भीर रूप से घायल हो चुके हैं।
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इस मामले में निर्माण एजेंसी तो कोताही बरत ही रही है, प्रशासन और पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीते मंगलवार की सुबह हुई ट्रैक्टर ट्रॉली और कार दुर्घटना में कार चालक की मौत हो गई थी। जबकि बीते महीने 24 नवंबर को रायवाला बाजार क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आने से एक राहगीर की मौत हो गई थी।
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दोनों मामलों में हाईवे निर्माण में जुटी कंपनी की लापरवाही अहम कारण रही है। दरअसल, रायवाला मुख्य बाजार के एक किमी सड़क पर निर्माण एजेंसी द्वारा सुरक्षा नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया गया है। एजेंसी द्वारा यहां बनाई गई तीन फुट ऊंची नई सड़क और पुरानी सड़क पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है।
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दोनों सड़कों पर कहीं भी दिशा सूचक नहीं लगाए गए हैं। निर्माण स्थलों पर सावधानी और धीमी गति के नोटिस बोर्ड भी कहीं नहीं लगाए गए। जिसके कारण तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि बाजार क्षेत्र में रेलवे स्टेशन, आर्मी कैंप, पोस्ट आफिस, तीन राष्ट्रीयकृत बैंक और पांच गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग भी हैं। लेकिन, निर्माण एजेंसी ने कहीं पर गति रोधक, बोर्ड आदि नहीं लगाए हैं।
निर्माणाधीन हाईवे पर दुर्घटनाएं राहगीरों की लापरवाही से हो रही हैं। इसमें निर्माण कंपनी की कोई गलती नहीं है। - एस. घोष, परियोजना इंचार्ज, देहरादून परिक्षेत्र ।