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कनेक्शन तो मिले, पानी नहीं
rishikesh
Updated Thu, 08 Sep 2016 01:03 AM IST
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पेयजल कनेक्शन
- फोटो : amar ujala
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चंद्रेश्वरनगर के करीब 100 उपभोक्ताओं ने पांच साल पहले पेयजल कनेक्शन तो ले लिए, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा है। बात यहीं तक होती तो भी ठीक थी, लेकिन इन उपभोक्ताओं को बिना पानी इस्तेमाल के बिल भी भेजा जा रहा है। महकमे के इस रवैये को लेकर उपभोक्ताओं में काफी आक्रोश है।
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उपभोक्ता लक्ष्मी शाह, सरस्वती देवी, रोशनी वर्मा, जगदीश प्रसाद, ओमप्रकाश, शुभलाल, लक्ष्मण, राजेश शाह ने बताया कि चंद्रेश्वरनगर, न्यू चंद्रेश्वरनगर, विश्वकर्मा रोड, श्मशान घाट रोड पर पांच साल हो गए हैं नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है। विभाग से लगातार समस्या के समाधान की फरियाद कर लगाते हार चुके हैं। कोरे आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। विभाग सालभर में तीन बार बिल भेजने में कोताही नहीं बरतता। विभागीय अधिकारियों पर पानी नहीं तो बिल नहीं का दबाव बनाने पर बिल मिाफ करने झुनझुना थमा देते हैं। अब तो पानी आएगा भी इसकी आस खत्म हो गई है।
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हैंडपंप उगलता है दूषित पानी
क्षेत्रवासियों ने बताया कि सरकारी पेयजल की आपूर्ति न होने से घरेलू कामकाज निपटाने और हलक तर करने के लिए घरों में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था हैंडपंप लगा रखे हैं, बरसात में हैंडपंप दूषित पानी उगलते हैं, जिससे क्षेत्र में संक्रमक रोग तेजी से फैलता है। हाल ही में प्रत्येक घर से एक ना एक व्यक्ति टायफाइड और वायरल की चपेट में है।
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हजारों रुपये का बिल बकाया
विभाग पानी की सप्लाई नहीं कर रहा और उपभोक्ता बिना पानी के बिल का भुगतान नहीं कर रहे। ऐसे में कई उपभोक्ता दो से लेकर 11 हजार रुपये तक के बकायेदार हो चुके हैं। विभाग कुछ उपभोक्ताओं को तहसील से नोटिस भी जारी करा चुका है।
करीब पांच साल पहले चंद्रभागा पुल के पास पेयजल सप्लाई करने वाली पाइल लाइन क्षतिग्रस्त होने से समस्या बनी है। पाइप लाइन जमीन के नीचे सात आठ फूट गहरे में है, जिसकी मरम्मत संभव नहीं है। जिन घरों में पानी नहीं पहुंचता, उन उपभोक्ताओं को बिल माफ करने के लिए आवेदन पत्र देने को कहा था। कुछ ने आवेदन पत्र दिए हैं, जिनके बिल माफ कराए जाएंगे। - मनोज डबराल, सहायक अभियंता, जल संस्थान