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आबादी क्षेत्र में घुसा बिज्जू, वनकर्मियों को पांच घंटे दौड़ाया
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चंद्रेश्वर नगर वार्ड एक में पेड़ पर चढ़ा बिज्जू।
- फोटो : RISHIKESH
चंद्रेश्वर नगर के वार्ड एक में रविवार तड़के एक बिज्जू घुस गया। बिज्जू को देख लोगों में अफरातफरी मच गई। बिज्जू को देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बिज्जू को पकड़ने में कामयाब हो सकी। संकरी गलियों और झूलती बंच केबिलों पर दौड़ रहे बिज्जू ने वनकर्मियों को खूब छकाया।
घटनाक्रम के अनुसार रविवार को वार्ड एक निवासी भगवती पत्नी शंकर गिरी के घर में लगे एक पेड़ पर बिज्जू चढ़ गया। सुबह का उजाला होने पर पेड़ के आसपास कौवे शोर मचाने लगे। लोगों ने देखा तो पेड़ पर एक बिज्जू चढ़ा हुआ नजर आया। इसकी सूचना स्थानीय महिला ने तत्काल वन विभाग को दी। इस बीच बिज्जू को देखने के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और लाठी डंडे लेकर उसे भगाने लगे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने करीब सुबह आठ बजे बिज्जू को पकड़ने के लिए रेस्क्यू शुरू किया। इस दौरान बिज्जू ने बंच केबिलों और पेड़ों पर इधर-उधर भागकर वनकर्मियों को खूब छकाया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मी बिज्जू को पकड़ने में कामयाब हो सके। इसके बाद बिज्जू को सौ फुटी के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
ऋषिकेश वन रेंज अधिकारी आरपीएस नेगी ने बताया कि देखने पर पकड़े गए बिज्जू की उम्र करीब तीन वर्ष प्रतीत होती है। उन्होंने बताया यह जानवर गंगा किनारे वाले वन क्षेत्रों में अधिक रहते हैं। रेस्क्यू टीम में वन दरोगा रामपाल पाठक, वन बीट अधिकारी दीपक सिंह, कमल सिंह राजपूत, अभिषेक शर्मा, भोला आदि शामिल रहे।
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घटनाक्रम के अनुसार रविवार को वार्ड एक निवासी भगवती पत्नी शंकर गिरी के घर में लगे एक पेड़ पर बिज्जू चढ़ गया। सुबह का उजाला होने पर पेड़ के आसपास कौवे शोर मचाने लगे। लोगों ने देखा तो पेड़ पर एक बिज्जू चढ़ा हुआ नजर आया। इसकी सूचना स्थानीय महिला ने तत्काल वन विभाग को दी। इस बीच बिज्जू को देखने के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और लाठी डंडे लेकर उसे भगाने लगे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने करीब सुबह आठ बजे बिज्जू को पकड़ने के लिए रेस्क्यू शुरू किया। इस दौरान बिज्जू ने बंच केबिलों और पेड़ों पर इधर-उधर भागकर वनकर्मियों को खूब छकाया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मी बिज्जू को पकड़ने में कामयाब हो सके। इसके बाद बिज्जू को सौ फुटी के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
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ऋषिकेश वन रेंज अधिकारी आरपीएस नेगी ने बताया कि देखने पर पकड़े गए बिज्जू की उम्र करीब तीन वर्ष प्रतीत होती है। उन्होंने बताया यह जानवर गंगा किनारे वाले वन क्षेत्रों में अधिक रहते हैं। रेस्क्यू टीम में वन दरोगा रामपाल पाठक, वन बीट अधिकारी दीपक सिंह, कमल सिंह राजपूत, अभिषेक शर्मा, भोला आदि शामिल रहे।
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