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Rishikesh News: एसटीपी संचालक पर गिरी गाज
Wed, 01 Jul 2026 02:49 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 01 Jul 2026 02:49 AM IST
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तपोवन स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन में लगातार बरती जा रही लापरवाही आखिरकार संचालक एजेंसी पर भारी पड़ गई। अनुरक्षण शाखा गंगा, हरिद्वार ने एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर उसका अनुबंध समाप्त करने की संस्तुति मुख्यालय देहरादून भेज दी है। तकनीकी खामियों को समय पर दूर नहीं करने, शोधित पानी की गुणवत्ता में सुधार न करने तथा विभागीय पत्राचार और सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहयोग नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई है।
तपोवन क्षेत्र में साढ़े तीन एमएलडी क्षमता का एसटीपी संचालित है। मार्च माह में नमामि गंगे की टीम ने प्लांट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान एसटीपी में कई गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई थीं। इसके अलावा शोधित पानी का बैक्टीरिया कल्चर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था, जिससे अशोधित अथवा मानक विहीन पानी गंगा में प्रवाहित होने की स्थिति बनी रही।
इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए विभाग ने संचालक एजेंसी पर मई माह में करीब 6.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और सभी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए थे। लेकिन विभागीय अधिकारियों के अनुसार एजेंसी ने न तो तकनीकी खामियों को ठीक किया और न ही शोधित पानी की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार किया।
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मंगलवार को यमकेश्वर के एसडीएम चतर सिंह ने भी एसटीपी से निकल रहे गंदे पानी के सीधे गंगा में मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। खास बात यह है कि जहां से दूषित पानी गंगा में प्रवाहित हो रहा है, वह स्थान पौड़ी जिलाधिकारी कैंप कार्यालय लक्ष्मणझूला के ठीक सामने है।
गंदे पानी की दुर्गंध कार्यालय तक आ रही थी। यहां आने वाले फरियादी भी कड़ी नाराजगी जता रहे थे। गंगा में प्रवाहित हो रहे सीवर के गंदे पानी का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया था। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संचालक एजेंसी की लगातार लापरवाही और निर्देशों की अनदेखी को देखते हुए उसका अनुबंध समाप्त करने एवं ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति मुख्यालय भेज दी गई है। साथ ही एसटीपी के सुचारु संचालन के लिए अनुभवी फर्मों से कोटेशन आमंत्रित किए गए हैं, ताकि नई एजेंसी के माध्यम से प्लांट का संचालन जल्द शुरू कराया जा सके।
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एसटीपी का संचालन करने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने व अनुबंध समाप्त करने की संस्तुति देहरादून मुख्यालय भेज दी गई है। नई एजेंसी के लिए कोटेशन मांगे गए हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, अनुरक्षण शाखा गंगा, हरिद्वार
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तपोवन क्षेत्र में साढ़े तीन एमएलडी क्षमता का एसटीपी संचालित है। मार्च माह में नमामि गंगे की टीम ने प्लांट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान एसटीपी में कई गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई थीं। इसके अलावा शोधित पानी का बैक्टीरिया कल्चर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था, जिससे अशोधित अथवा मानक विहीन पानी गंगा में प्रवाहित होने की स्थिति बनी रही।
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इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए विभाग ने संचालक एजेंसी पर मई माह में करीब 6.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और सभी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए थे। लेकिन विभागीय अधिकारियों के अनुसार एजेंसी ने न तो तकनीकी खामियों को ठीक किया और न ही शोधित पानी की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार किया।
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मंगलवार को यमकेश्वर के एसडीएम चतर सिंह ने भी एसटीपी से निकल रहे गंदे पानी के सीधे गंगा में मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। खास बात यह है कि जहां से दूषित पानी गंगा में प्रवाहित हो रहा है, वह स्थान पौड़ी जिलाधिकारी कैंप कार्यालय लक्ष्मणझूला के ठीक सामने है।
गंदे पानी की दुर्गंध कार्यालय तक आ रही थी। यहां आने वाले फरियादी भी कड़ी नाराजगी जता रहे थे। गंगा में प्रवाहित हो रहे सीवर के गंदे पानी का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया था। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संचालक एजेंसी की लगातार लापरवाही और निर्देशों की अनदेखी को देखते हुए उसका अनुबंध समाप्त करने एवं ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति मुख्यालय भेज दी गई है। साथ ही एसटीपी के सुचारु संचालन के लिए अनुभवी फर्मों से कोटेशन आमंत्रित किए गए हैं, ताकि नई एजेंसी के माध्यम से प्लांट का संचालन जल्द शुरू कराया जा सके।
एसटीपी का संचालन करने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने व अनुबंध समाप्त करने की संस्तुति देहरादून मुख्यालय भेज दी गई है। नई एजेंसी के लिए कोटेशन मांगे गए हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, अनुरक्षण शाखा गंगा, हरिद्वार