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मास्क और दो गज की दूरी से ओमिक्रान को दें मात
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ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के मुताबिक कोराना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर लोगों को घबराने की नहीं, बल्कि सर्तकता बरतने की जरूरत है। कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद भी कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है, क्योंकि टीकाकरण संक्रमण की गंभीर स्थिति से सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन इससे संक्रमित होने की संभावना समाप्त नहीं होती है।
एम्स के फैमिली फिजीशियन डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड नियमों का पालन कर नए वैरिएंट का मुकाबला किया जा सकता है। लोगों को मास्क को अनिवार्य रूप से अपनी वेषभूषा का हिस्सा बनाना होगा। वहीं दो गज की दूरी बनाते हुए भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। वहीं लोगों को हाथ धोने और सैनिटाइजेशन की आदत को फिर से अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा। अभी करीब छह महीने तक लोगों के लिए कोविड नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि जिनको कोरोनारोधी वैक्सीन की एक डोज लगी है, वे अब भी संक्रमण के खतरे की जद में हैं। कोरोनारोधी वैक्सीन के दो टीके लगने के बाद करीब एक से डेढ़ में महीने में एंटीबॉडी बनती है। दोनों टीके लगना इस बात की गारंटी नहीं है कि आप संक्रमित नहीं होंगे। टीकाकरण संक्रमण की गंभीर स्थिति से आपको सुरक्षित रखता है, इसलिए दो टीके लगाने के बाद भी कोरोना नियमों का पालन करना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण हैं तो वह तत्काल जांच केंद्र में पहुंचकर अपनी कोरोना जांच कराए।
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हिचक को करें दूर, घर पर ही करें कोरोना जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है। वहीं देश प्रदेश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना केस बढ़ने के बावजूद संदिग्ध लक्षणों वाले लोग कोरोना जांच से हिचक रहे हैं, लेकिन अब लोग बिना किसी झिझक के अपने घर पर स्वयं होम बेस्ड टेस्टिंग किट से कोरोना की जांच कर सकते हैं। यह किट आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त है।
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कैसे करें किट का प्रयोग
- कोरोना जांच के लिए गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से एप डाउनलोड करें।
- इसमें स्वयं से संबंधित कुछ जानकारी अपलोड करनी होगी।
- किट के साथ मौजूद निर्देशिका के अनुसार अपनी जांच करें।
- टेस्ट के बाद किट की फोटो खींचकर एप पर अपलोड करनी होगी।
- एप से टेस्ट रिपोर्ट मिलेगी, जिसमें पॉजिटिव या नेगेटिव होने की पुष्टि होगी।
- टेस्ट का डाटा सीधा आईसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
- टेस्ट के परिणामों और उपयोगकर्ता की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।
- रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग टीम आपसे संपर्क करेगी।
ऑनलाइन बाजार में उपलब्ध किट
- कोविसेल्फ, कोविफाइंड, पैनबायो
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एम्स के फैमिली फिजीशियन डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड नियमों का पालन कर नए वैरिएंट का मुकाबला किया जा सकता है। लोगों को मास्क को अनिवार्य रूप से अपनी वेषभूषा का हिस्सा बनाना होगा। वहीं दो गज की दूरी बनाते हुए भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। वहीं लोगों को हाथ धोने और सैनिटाइजेशन की आदत को फिर से अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा। अभी करीब छह महीने तक लोगों के लिए कोविड नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि जिनको कोरोनारोधी वैक्सीन की एक डोज लगी है, वे अब भी संक्रमण के खतरे की जद में हैं। कोरोनारोधी वैक्सीन के दो टीके लगने के बाद करीब एक से डेढ़ में महीने में एंटीबॉडी बनती है। दोनों टीके लगना इस बात की गारंटी नहीं है कि आप संक्रमित नहीं होंगे। टीकाकरण संक्रमण की गंभीर स्थिति से आपको सुरक्षित रखता है, इसलिए दो टीके लगाने के बाद भी कोरोना नियमों का पालन करना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण हैं तो वह तत्काल जांच केंद्र में पहुंचकर अपनी कोरोना जांच कराए।
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हिचक को करें दूर, घर पर ही करें कोरोना जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है। वहीं देश प्रदेश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना केस बढ़ने के बावजूद संदिग्ध लक्षणों वाले लोग कोरोना जांच से हिचक रहे हैं, लेकिन अब लोग बिना किसी झिझक के अपने घर पर स्वयं होम बेस्ड टेस्टिंग किट से कोरोना की जांच कर सकते हैं। यह किट आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त है।
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कैसे करें किट का प्रयोग
- कोरोना जांच के लिए गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से एप डाउनलोड करें।
- इसमें स्वयं से संबंधित कुछ जानकारी अपलोड करनी होगी।
- किट के साथ मौजूद निर्देशिका के अनुसार अपनी जांच करें।
- टेस्ट के बाद किट की फोटो खींचकर एप पर अपलोड करनी होगी।
- एप से टेस्ट रिपोर्ट मिलेगी, जिसमें पॉजिटिव या नेगेटिव होने की पुष्टि होगी।
- टेस्ट का डाटा सीधा आईसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
- टेस्ट के परिणामों और उपयोगकर्ता की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।
- रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग टीम आपसे संपर्क करेगी।
ऑनलाइन बाजार में उपलब्ध किट
- कोविसेल्फ, कोविफाइंड, पैनबायो