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अतिथि देवो भव: को सार्थक कर रहे व्यापारी

Fri, 11 Nov 2016 01:24 AM IST
ganga dutt
ganga dutt Updated Fri, 11 Nov 2016 01:24 AM IST
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Atithi Devo Bhava: are meaningful to business
बैँक - फोटो : amar ujala

तीर्थक्षेत्र लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम के व्यापारी अतिथि देवो भव: की परंपरा को सार्थक कर रहे हैं। आठ नवंबर की रात से बाजार में 500 और 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद होने के बाद भी तीर्थक्षेत्र के व्यापारी विदेशी पर्यटकों से इन्हें स्वीकार कर रहे हैं। लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम क्षेत्र में घूमने आए कुछ विदेशी पर्यटक चलन से बाहर हो चुके 500 और 1000 के नोट को बदलने के लिए बैंक के बाहर लाइन में भी खड़े दिखे।

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 आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार भले ही विदेशी पर्यटकों को बैँक से निराशा हाथ लगी हो, लेकिन स्थानीय लोग उनके लिए मददगार बन रहे हैं। विदेशियों को नोट बदलने के लिए स्थानीय लोगों ने अपना पहचान पत्र तक उपलब्ध कराया। ऋषिकेश मुख्य बाजार में जहां व्यापारियों ने 500 और 1000 के नोटों को लेने से मना कर दिया। वहीं, स्वर्गाश्रम और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में स्थानीय व्यापारी और होटल स्वामी विदेशी पर्यटकों से बड़े नोट  स्वीकार कर रहे हैं। यही नहीं, जिस होटल, गेस्ट हाउस व धर्मशाला में विदेशी पर्यटक ठहरे हुए हैं, वहां काम करने वाले स्थानीय लोग भी अपनी जिम्मेदारी पर बैंक में खुद का पहचान पत्र देकर इनके पुराने नोट बदलवा रहे हैं। तीर्थक्षेत्र में ऐसी मेहमाननवाजी देख विदेशी पर्यटक गदगद हैं।
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बृहस्पतिवार को कुछ विदेशी पर्यटक अपने नोट बदलने के लिए स्वर्गाश्रम पीएनबी के बाहर लाइन में खड़े दिखे। बैंक प्रबंधक पवन कुमार ने उन्हें स्पष्ट किया कि आरबीआई ने निर्देशानुसार जिन विदेशियों के पास भारतीय पहचान पत्र होगा, उनके ही नोट बदले जाएंगे। जिनके पास आईडी उपलब्ध नहीं है, उनके लिए एयरपोर्ट पर 5000 रुपये तक बदलने की अनुमति दी गई है। इसके बाद कुछ स्थानीय लोगों ने इन विदेशी मेहमानों को नोट बदलने के लिए अपनी आईडी उपलब्ध कराई। होटल व्यापारी माधव अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र के सभी व्यापारी विदेशी पर्यटकों से 500 और 1000 का नोट स्वीकार कर रहे हैं और नोट बदलवाने में भी उनकी पूरी मदद कर रहे हैं।
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कोट ..
मैं तीर्थनगरी में एक महीने से रह रहा हूं, भारत के प्रधानमंत्री के आदेश पर यहां 500 और 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद हो गया है। लेकिन, स्वर्गाश्रम के व्यापारी की वजह से हमें कोई परेशानी नहीं हो रही है।
- टॉरी, कनाडा।
मुझे तीर्थनगरी में तीन महीना हो गया है। मेरे पास में चार हजार रुपये हैं, जिनमें सभी नोट 500-500 रुपये के हैं। लेकिन, मैं जहां रह रही हूं, वहां के लोगों ने आश्वस्त किया कि मेरे रुपये चेंज करवा दिए जाएंगे। - सॉफी, रसिया।
मुझे 500 और 1000 के नोट बदलवाने में कोई समस्या नहीं आ रही है। क्योंकि जिस होटल में मैं रह रही हूं, वहां काम कर रहे लोगों की मदद से मैं अपना पैसा चेंज कर रही हूं। - रिचल, अमेरीका।

लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम के लोग बहुत ही मददगार हैं। स्थानीय लोगों ने अपना पहचान पत्र देकर हमारे साथ बैंक में जाकर हमारे पुराने नोट बदलने में मदद की है। मदद के लिए शुक्रिया। -सिलिया, चीन।

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