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आशियाना छिना, खुले आसमान के नीचे गुजार रहे रात

Tue, 10 Sep 2019 02:09 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2019 02:09 AM IST
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Ashina taken away, the night is spent under the open sky
चंद्रभागा नदी के किनारे झोपड़ियां टूट जाने के बाद खुले में बैठे लोग - फोटो : RISHIKESH
चंद्रभागा नदी किनारे बनी झुग्गी झोपड़ियों का ध्वस्तीकरण होने के बाद बेघर हुए यहां के परिवार रात गुजारने के लिए कोई ठिकाना नहीं है। खुले आसमान के नीचे यह लोग रहने को मजबूर हैं। करीब 35 वर्ष अवैध झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को चुनाव के दौरान तरह-तरह का प्रलोभन जनप्रतिनिधियों ने दिया। अब इन हालात के मारों से सभी जनप्रतिनिधियों ने दूरी बना ली है। सबसे दयनीय स्थिति बच्चों और बुजुर्गों की है। इन्हीं विषम परिस्थितियों से टूटकर बीती रात्रि एक बच्ची की मौत भी हो गई। बच्ची की दादी भी बीमार हो चुकी है। बुजुर्ग महिला को एम्स में भर्ती कराया गया है।
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संवेदनहीनता का आलम ये है कि जो जनप्रतिनिधि गरीबों का मसीहा होने का दम भरते थे वे आज हालात से जूझ रहे लोगों को सांत्वना का मरहम तक लगाने से कतरा रहे हैं। मौसम की मार से बचने के लिए यहां रहने वाले परिवारों के पास तिरपाल ढकने तक का जुगाड़ नहीं है। अतिक्रमण कार्रवाई का शिकार हुए एक परिवार के मुखिया संतोष कश्यप ने बताया कि वह करीब पिछले 35 वर्षों से यहां पर रह रहे थे। उन्होंने कहा कि दो वक्त की रोटी के लिए उनके पास रुपये नहीं हैं तो किराए के घर के लिए कहां से रुपये लेकर आएं। रात को उन्हें यहीं खुले में सोकर रात गुजारनी पड़ती है। महिलाओं के लिए नहाने और शौच जाने की खासी समस्या बनी हुई है। वर्तमान में डेंगू का प्रकोप चारों ओर फैला हुआ है। इस कारण आए दिन यहां लोग डेंगू का शिकार हो रहे हैं। झोपड़ियां टूट जाने से यहां रहने वाले लोगों पर लगातार डेंगू का खतरा बना हुआ है।
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अव्यवस्था के बीच मौत और बुखार का मंजर
चंद्रभागा बस्ती में बुखार के चलते एक चार वर्षीय बालिका पायल पुत्री सरल राजभर की मौत हो गई थी। पूछताछ में बच्ची के पिता सरल राजभर ने बताया कि उसे पिछले दो दिनों से बुखार था। शनिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान में झोपड़ी टूटने के बाद से वह खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मां जमुना देवी को भी बुखार है। गंभीर हालत में उन्हें एम्स में भर्ती करवाया गया है।
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कोट्स
बच्ची की मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करता हूं। चंद्रभागा किनारे झुग्गी झोपड़ियों मेें रहने वाले लोगों की समस्या को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखा गया है। मानवता के नाते जो बन पा रहा है, वह सहायता मैं कर रहा हूं।
अजय शर्मा, पार्षद
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