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्रीदेव सुमन की अमर गाथा किताबों तक ही नहीं रहनी चाहिए सीमित
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नगर निगम स्वर्ण जयंती सभागार में टिहरी जनक्रांति के नायक शहीद श्रीदेव सुमन की जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्मरण किया गया। मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि श्रीदेव सुमन की अमर गाथा किताबों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए।
बुधवार को पर्वतीय लोक कल्याण परिषद के तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी में मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि अमर शहीद श्रीदेव सुमन के आदर्शों पर चलकर ही हम जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। उनके विचारों, मूल्यों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाना चाहिए। टिहरी की जनता को राजशाही से मुक्त कराने में श्रीदेव सुमन का अभूतपूर्व योगदान रहा है। श्रीदेव सुमन जैसे अमर शहीदों की गाथा मात्र किताबों तक ही सिमटकर नहीं रहनी चाहिए। आज जरूरत उनके विचारों के अनुसरण करने की है। श्री देव सुमन हमारी धरोहर भी हैं। गोष्ठी के दौरान श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश में श्रीदेव सुमन की जयंती पर उनको पूरी तरह से भुला देने की पुरजोर शब्दों में निंदा की गई। इस गंभीर मामले को प्रदेश के शिक्षा मंत्री के समक्ष उठाकर महाविद्यालय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस अवसर पर मदन शर्मा, रमेश चंद्र शर्मा, प्यारेलाल जुगलान, बृजपाल राणा, आशाराम व्यास, विक्रम भंडारी, सत्यप्रकाश ममगाईं, सुरेंद्र सिंह कैंतुरा, कुसुमलता शर्मा, कलावती, मंजू बडोला, मानसिंह, सतीश शर्मा, अशोक, जया डोभाल, मंजू भट्ट, हरि सिंह नेगी, रुकम पोखरियाल, दीपक दरगन, सुरेन्द्र भंडारी आदि शामिल थे।
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बुधवार को पर्वतीय लोक कल्याण परिषद के तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी में मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि अमर शहीद श्रीदेव सुमन के आदर्शों पर चलकर ही हम जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। उनके विचारों, मूल्यों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाना चाहिए। टिहरी की जनता को राजशाही से मुक्त कराने में श्रीदेव सुमन का अभूतपूर्व योगदान रहा है। श्रीदेव सुमन जैसे अमर शहीदों की गाथा मात्र किताबों तक ही सिमटकर नहीं रहनी चाहिए। आज जरूरत उनके विचारों के अनुसरण करने की है। श्री देव सुमन हमारी धरोहर भी हैं। गोष्ठी के दौरान श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश में श्रीदेव सुमन की जयंती पर उनको पूरी तरह से भुला देने की पुरजोर शब्दों में निंदा की गई। इस गंभीर मामले को प्रदेश के शिक्षा मंत्री के समक्ष उठाकर महाविद्यालय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस अवसर पर मदन शर्मा, रमेश चंद्र शर्मा, प्यारेलाल जुगलान, बृजपाल राणा, आशाराम व्यास, विक्रम भंडारी, सत्यप्रकाश ममगाईं, सुरेंद्र सिंह कैंतुरा, कुसुमलता शर्मा, कलावती, मंजू बडोला, मानसिंह, सतीश शर्मा, अशोक, जया डोभाल, मंजू भट्ट, हरि सिंह नेगी, रुकम पोखरियाल, दीपक दरगन, सुरेन्द्र भंडारी आदि शामिल थे।
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