एम्स में आयुष विभाग की ओर से माइंड बॉडी मेडिसिन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ निदेशक प्रो. रवि कांत, अपर सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार डॉ. धर्मेंद्र सिंह गंगवार और सीसीआरवाईएन के निदेशक डॉ. राघवेंद्र राव ने संयुक्त रूप से किया। प्रो. रविकांत ने कहा कि एलोपैथी मेडिसिन में संपूर्ण उपचार नहीं है, लिहाजा ऐसे में समग्र बीमारियों के उपचार व मरीजों के स्वास्थ्य लाभ के लिए हमें दूसरी चिकित्सकीय पद्धतियों को भी बढ़ावा देना होगा। अपर सचिव डॉ. धर्मेंद्र गंगवार ने कहा कि समय का सही उपयोग करने से हमारा तन और मन स्वस्थ रहता है। सीसीआरवाईएन के निदेशक डॉ. राघवेंद्र राव ने कैंसर के उपचार में योग की भूमिका के बारे में जानकारी दी।
मुख्यवक्ता डॉ. प्रदीप कुमार वासु ने कहा कि हमें अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि हमारा मन कैसे कार्य करता है, साथ ही हमें पता होना चाहिए कि चेतन अवचेतन मन क्या है। आयुष विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना ने कार्यशाला में आए अतिथियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. ब्रह्मप्रकाश, डीन एलुमिनाई और आईबीसीसी की प्रमुख प्रो. बीना रवि, प्रो. किम मेमन, डॉ. संतोष कुमार, आयुष विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना, आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. मीनाक्षी जगझापे, डॉ. रविंद्र अंथवाल, डॉ. अन्विता सिंह, डॉ. वैशाली गोयल, संदीप कंडारी, दीपक जोशी, अनीता, सौरभ, संदीप भंडारी, अत्रेश उनियाल, अंजू, हेमा, विकास, सीना जोसेफ, नितेंद्र आदि उपस्थित रहे।