{"_id":"612d39668ebc3e7a1117cfcf","slug":"aiims-becomes-the-first-institute-in-the-country-to-provide-tele-icu-service-rishikesh-news-drn388963619","type":"story","status":"publish","title_hn":".......देश में टेली आईसीयू सेवा देने वाला पहला संस्थान बना एम्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
.......देश में टेली आईसीयू सेवा देने वाला पहला संस्थान बना एम्स
विज्ञापन
एम्स में टेली आईसीयू सेवा का पूर्वाभ्यास करते चिकित्सक।
- फोटो : RISHIKESH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश टेली आइसीयू सेवा देने वाला देश का पहला संस्थान बन गया है। इासके लिए एम्स ने किंग्स कालेज, लंदन (केसीएल) के साथ एमओयू किया है। अब एम्स के चिकित्सक वर्चुअल आईसीयू का संचालन कर पाएंगे। टेली आईसीयू सेवा से जुड़ने से चिकित्सकों के लिए अब अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करना भी आसान होगा। वहीं संस्थान तीसरी लहर की तैयारी के मद्देनजर 200 से अधिक आईसीयू बेड भी तैयार कर लिए हैं।
टेली-आइसीयू सेवाओं का शुभारंभ करते हुए एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि कोविड रोगियों उच्चस्तरीय इलाज और देखभाल संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मरीजों की स्वास्थ्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता और सहयोग के लिए इस प्रस्ताव का स्वागत है। एम्स निदेशक ने टेली आइसीयू सेवा शुरू करने में सहयोग के लिए केसीएल और ब्रिटिश टेलीकॉम (बीटी) को आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि ईआइसीयू सेवा दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में रोगियों को बेहतर इलाज मिलेगा।
संस्थान के वाइस डीन (इनोवेशन) डॉ. डीके त्रिपाठी ने कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए इस तकनीक की सेवा और भूमिका की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। जबकि संस्थान की टेली आईसीयू सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. केएस राजकुमार, डॉ. योगेश बहुरूपी ने इस सेवा में सहयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर किंग्स कालेज, लंदन में सर्जरी के प्रोफेसर प्रोकर दासगुप्ता, डीन अस्पताल प्रशासन प्रोफेसर यूबी मिश्रा, एम्स ऋषिकेश के डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, डीन (अंतरराष्ट्रीय मामले) प्रो. सोमप्रकाश बसु, डीन अनुसंधान प्रो. वर्तिका सक्सेना के अलावा किंग्स कॉलेज लंदन से प्रो. लुईस रोज, डा. जोएल मेयर, मिस्टर जोसेफ केसी, ऐटोनिक्स कनाडा से मिस्टर मिशेल पैक्वेट, ब्रिटिश कंम्यूनिकेशन इंडिया के हितेश पांड्या आदि मौजूद थे।
केसीएल को ई आईसीयू सेवा का अनुभव
उल्लेखनीय है कि किंग्स कालेज लंदन (केसीएल) के पास वर्चुअल चिकित्सा सुविधाओं का व्यापक अनुभव है और यह कॉलेज पहले से ही यूनाइटेड किंगडम यूके में 180 से अधिक एनएचएस अस्पतालों में लाइफ लाइंस यूके नामक एक परियोजना संचालित कर रहा है। यह मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के लिए तत्कालीक आवश्यकता के मद्देनजर मरीजों की सहायता के लिए शुरू की गई थी, जो वहां के चिकित्सकों, शिक्षाविदों, विभिन्न कंपनियों की ओर से एक संयुक्त पहल थी।
ब्रिटिश टेलीकाम ने एम्स को दिए 50 टेबलेट कंप्यूटर
टेली आइसीयू सेवा किंग्स कॉलेज, लंदन में क्रिटिकल केयर नर्सिंग के प्रोफेसर लुईस रोज, गाय्स और सेंट थामस अस्पताल लंदन के चिकित्सक डॉ. जोएल मेयर और मिशेल पैक्वेट की एक टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। इस सेवा के लिए ब्रिटिश टेलीकॉम से सुरक्षित सॉफ्टवेयर के साथ-साथ एम्स-ऋषिकेश को (50) 4जी टैबलेट कंप्यूटर भी प्राप्त हुए हैं।
विज्ञापन
टेली-आइसीयू सेवाओं का शुभारंभ करते हुए एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि कोविड रोगियों उच्चस्तरीय इलाज और देखभाल संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मरीजों की स्वास्थ्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता और सहयोग के लिए इस प्रस्ताव का स्वागत है। एम्स निदेशक ने टेली आइसीयू सेवा शुरू करने में सहयोग के लिए केसीएल और ब्रिटिश टेलीकॉम (बीटी) को आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि ईआइसीयू सेवा दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में रोगियों को बेहतर इलाज मिलेगा।
विज्ञापन
संस्थान के वाइस डीन (इनोवेशन) डॉ. डीके त्रिपाठी ने कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए इस तकनीक की सेवा और भूमिका की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। जबकि संस्थान की टेली आईसीयू सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. केएस राजकुमार, डॉ. योगेश बहुरूपी ने इस सेवा में सहयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर किंग्स कालेज, लंदन में सर्जरी के प्रोफेसर प्रोकर दासगुप्ता, डीन अस्पताल प्रशासन प्रोफेसर यूबी मिश्रा, एम्स ऋषिकेश के डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, डीन (अंतरराष्ट्रीय मामले) प्रो. सोमप्रकाश बसु, डीन अनुसंधान प्रो. वर्तिका सक्सेना के अलावा किंग्स कॉलेज लंदन से प्रो. लुईस रोज, डा. जोएल मेयर, मिस्टर जोसेफ केसी, ऐटोनिक्स कनाडा से मिस्टर मिशेल पैक्वेट, ब्रिटिश कंम्यूनिकेशन इंडिया के हितेश पांड्या आदि मौजूद थे।
केसीएल को ई आईसीयू सेवा का अनुभव
उल्लेखनीय है कि किंग्स कालेज लंदन (केसीएल) के पास वर्चुअल चिकित्सा सुविधाओं का व्यापक अनुभव है और यह कॉलेज पहले से ही यूनाइटेड किंगडम यूके में 180 से अधिक एनएचएस अस्पतालों में लाइफ लाइंस यूके नामक एक परियोजना संचालित कर रहा है। यह मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के लिए तत्कालीक आवश्यकता के मद्देनजर मरीजों की सहायता के लिए शुरू की गई थी, जो वहां के चिकित्सकों, शिक्षाविदों, विभिन्न कंपनियों की ओर से एक संयुक्त पहल थी।
ब्रिटिश टेलीकाम ने एम्स को दिए 50 टेबलेट कंप्यूटर
टेली आइसीयू सेवा किंग्स कॉलेज, लंदन में क्रिटिकल केयर नर्सिंग के प्रोफेसर लुईस रोज, गाय्स और सेंट थामस अस्पताल लंदन के चिकित्सक डॉ. जोएल मेयर और मिशेल पैक्वेट की एक टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। इस सेवा के लिए ब्रिटिश टेलीकॉम से सुरक्षित सॉफ्टवेयर के साथ-साथ एम्स-ऋषिकेश को (50) 4जी टैबलेट कंप्यूटर भी प्राप्त हुए हैं।