{"_id":"60f331418ebc3e6d7b523c4b","slug":"additional-director-bifurcated-on-cleanliness-in-the-hospital-rishikesh-news-drn3847763149","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में सफाई व्यवस्था पर बिफरी अपर निदेशक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में सफाई व्यवस्था पर बिफरी अपर निदेशक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषिकेश। कोरोना संक्रमण की तीसरी संभावित लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपर निदेशक भारती राणा ने एसपीएस राजकीय चिकित्सालय का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ उन्होंने आईसीयू वार्ड और अस्पताल में बच्चों के लिए बनाए गए कोविड वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि सरकारी अस्पताल में फायर से जूझने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। साथ ही अपर निदेशक अस्पताल की सफाई व्यवस्थाओं पर नाराज हुई। इसके लिए उन्होंने सीएमएस को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
शनिवार को अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची अपर निदेशक भारती राणा ने कहा कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर के चलते सरकारी अस्पताल का निरीक्षण किया गया। देहरादून जिले के बाद यह ऋषिकेश में यह एक बड़ा अस्पताल है। अस्पताल में कितने बच्चों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। पीआईसीयू (पीडीएट्रीक इंटेसिंव केयर यूनिट) की भी तैयारियां अच्छी पाई गई। एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) में भी छह बेड और उपकरण स्थापित किया गया है। आईसीयू में छह बेड पहले से चल रहे हैं। अस्पताल में एचएलएल कंपनी की ओर से जो दस बेड का आईसीयू बनना था, उसका काम पूरा हो चुका है। लेकिन वो अभी स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरण नहीं हुआ है। उसके लिए उन्होंने सीएमएस को निर्देशित करते हुए जल्द ही एक पत्र लिखकर इसे हस्तांतरण करने की बात कही। कहा तब अस्पताल में 16 बेड का आईसीयू, छह बेड का पीआईसीयू हो जाएगा। इसके अलावा चार बेड का अस्पताल में एनआईसीयू हो जाएगा। जो अपने आप में एक अच्छी तैयारी होगी। छोटे बच्चों के लिए एनडीएसयू (न्यू बॉर्न स्टेब्लाइजेशन यूनिट) के भी अस्पताल में चार बेड हैं। ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भी स्वीकृत हो चुका है। अगर यह अस्पताल में लगता है तो ऑक्सीजन की समस्या कम हो जाएगी। अस्पताल में एनस्थेटिक, ईएनटी सर्जन और जनरल सर्जन नहीं है इसके लिए महानिदेशालय को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके अलावा अस्पताल में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सीएमएस को निर्देशित किया जा चुका है। अग्निशमन को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इसका 60 फीसदी कार्य हो चुका है, जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलेंगी।
गर्भवती महिलाओं का अस्पताल में हो पूरी देखभाल
ऋषिकेश। सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक और गाइनोकॉलिजिस्ट पर्याप्त मात्रा में हैं। कोई भी मरीज अस्पताल से रेफर नहीं होगा। रेफर होगा तो इसका पूरा स्पष्ट कारण बताना पड़ेगा। इसके लिए दिशा निर्देशित किया गया कि गर्भवती महिलाओं का नंबर बढ़ाएं नहीं तो भीड़ न बढाएं।
विज्ञापन
कोविड टीकाकरण में बैठने की व्यवस्था दुरुस्त करें
ऋषिकेश। कोविड टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए 50 से 100 कुर्सियां लगाएं। जिससे की लोग खड़े न रहे। बीते 10 जुलाई से बंद पड़े 18 प्लस वालों के लिए वैक्सीनेशन जल्द शुरू करने की बात कही। साथ ही अस्पताल परिसर में भीड़ को नियंत्रण करने के लिए टोकन व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देशित किया।
विज्ञापन
शनिवार को अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची अपर निदेशक भारती राणा ने कहा कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर के चलते सरकारी अस्पताल का निरीक्षण किया गया। देहरादून जिले के बाद यह ऋषिकेश में यह एक बड़ा अस्पताल है। अस्पताल में कितने बच्चों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। पीआईसीयू (पीडीएट्रीक इंटेसिंव केयर यूनिट) की भी तैयारियां अच्छी पाई गई। एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) में भी छह बेड और उपकरण स्थापित किया गया है। आईसीयू में छह बेड पहले से चल रहे हैं। अस्पताल में एचएलएल कंपनी की ओर से जो दस बेड का आईसीयू बनना था, उसका काम पूरा हो चुका है। लेकिन वो अभी स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरण नहीं हुआ है। उसके लिए उन्होंने सीएमएस को निर्देशित करते हुए जल्द ही एक पत्र लिखकर इसे हस्तांतरण करने की बात कही। कहा तब अस्पताल में 16 बेड का आईसीयू, छह बेड का पीआईसीयू हो जाएगा। इसके अलावा चार बेड का अस्पताल में एनआईसीयू हो जाएगा। जो अपने आप में एक अच्छी तैयारी होगी। छोटे बच्चों के लिए एनडीएसयू (न्यू बॉर्न स्टेब्लाइजेशन यूनिट) के भी अस्पताल में चार बेड हैं। ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भी स्वीकृत हो चुका है। अगर यह अस्पताल में लगता है तो ऑक्सीजन की समस्या कम हो जाएगी। अस्पताल में एनस्थेटिक, ईएनटी सर्जन और जनरल सर्जन नहीं है इसके लिए महानिदेशालय को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके अलावा अस्पताल में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सीएमएस को निर्देशित किया जा चुका है। अग्निशमन को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इसका 60 फीसदी कार्य हो चुका है, जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलेंगी।
विज्ञापन
गर्भवती महिलाओं का अस्पताल में हो पूरी देखभाल
ऋषिकेश। सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक और गाइनोकॉलिजिस्ट पर्याप्त मात्रा में हैं। कोई भी मरीज अस्पताल से रेफर नहीं होगा। रेफर होगा तो इसका पूरा स्पष्ट कारण बताना पड़ेगा। इसके लिए दिशा निर्देशित किया गया कि गर्भवती महिलाओं का नंबर बढ़ाएं नहीं तो भीड़ न बढाएं।
विज्ञापन
कोविड टीकाकरण में बैठने की व्यवस्था दुरुस्त करें
ऋषिकेश। कोविड टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए 50 से 100 कुर्सियां लगाएं। जिससे की लोग खड़े न रहे। बीते 10 जुलाई से बंद पड़े 18 प्लस वालों के लिए वैक्सीनेशन जल्द शुरू करने की बात कही। साथ ही अस्पताल परिसर में भीड़ को नियंत्रण करने के लिए टोकन व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देशित किया।