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बेहतर प्रस्तुति के बिना ज्ञान प्रभावहीन : प्रो. रविकांत
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओर से बुधवार को स्किल इन्हांसमेंट फॉर एफेक्टिव डिजिटल प्रजेंटेशन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीक के उपयोग और अनुसंधान के प्रस्तुतिकरण में इसके महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने शैक्षणिक व अनुसंधानात्मक कार्यों में डिजिटल प्रजेंटेशन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई कितना भी बेहतर शिक्षक व शोध हो, यदि उसे सलीके से प्रस्तुत नहीं किया गया तो उसे महत्व नहीं मिल पाता। बढ़ती टेक्नोलॉजी के युग में शैक्षणिक व रिसर्च के प्रस्तुतिकरण को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग करना आना चाहिए। विद्यार्थियों को इस विषय में प्रशिक्षित करने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई है। डीन एलुमिनाई प्रोफेसर बीना रवि ने प्रतिभागियों को बेहतर प्रस्तुतिकरण की सरल विधि के तौर तरीके बताए। इस अवसर पर उन्होंने अच्छे प्रस्तुतिकरण के लिए किस तरह के फोटोग्राफ्स, वीडियो, ग्राफ्स, ऑडियो, स्मार्ट आर्टस आदि का उपयोग किया जाता है इसकी जानकारी दी। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए और चेकलिस्ट के माध्यम से एक दूसरे के प्रजेंटेशन का आंकलन भी किया। इस मौके पर प्रो. शालिनी राव, प्रो. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. मनीषा, डॉ. अनुपमा बहादुर, डॉ. आशी चुग, डॉ. राजेश काथरोटिया आदि मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओर से बुधवार को स्किल इन्हांसमेंट फॉर एफेक्टिव डिजिटल प्रजेंटेशन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीक के उपयोग और अनुसंधान के प्रस्तुतिकरण में इसके महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने शैक्षणिक व अनुसंधानात्मक कार्यों में डिजिटल प्रजेंटेशन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई कितना भी बेहतर शिक्षक व शोध हो, यदि उसे सलीके से प्रस्तुत नहीं किया गया तो उसे महत्व नहीं मिल पाता। बढ़ती टेक्नोलॉजी के युग में शैक्षणिक व रिसर्च के प्रस्तुतिकरण को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग करना आना चाहिए। विद्यार्थियों को इस विषय में प्रशिक्षित करने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई है। डीन एलुमिनाई प्रोफेसर बीना रवि ने प्रतिभागियों को बेहतर प्रस्तुतिकरण की सरल विधि के तौर तरीके बताए। इस अवसर पर उन्होंने अच्छे प्रस्तुतिकरण के लिए किस तरह के फोटोग्राफ्स, वीडियो, ग्राफ्स, ऑडियो, स्मार्ट आर्टस आदि का उपयोग किया जाता है इसकी जानकारी दी। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए और चेकलिस्ट के माध्यम से एक दूसरे के प्रजेंटेशन का आंकलन भी किया। इस मौके पर प्रो. शालिनी राव, प्रो. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. मनीषा, डॉ. अनुपमा बहादुर, डॉ. आशी चुग, डॉ. राजेश काथरोटिया आदि मौजूद रहे।
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