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ऋषिकेश: शॉर्ट फिल्म दिखाकर बेटियों को किया जाए जागरूक
Wed, 15 May 2019 08:35 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2019 08:35 AM IST
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परमार्थ निकेतन
- फोटो : फाइल फोटो
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परमार्थ निकेतन में आयोजित कार्यशाला में मासिक धर्म सुरक्षा, बेटियों को सशक्त बनाना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व मासिक धर्म के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण देने पर विचार विमर्श किया गया।
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कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने राय दी कि मासिक धर्म के प्रति जागरुकता, सुरक्षा और स्वच्छता के लिए शार्ट फिल्म दिखाकर बेटियों को जागरूक किया जाए तो इसका प्रभाव काफी समय तक रहेगा। इसके लिए दिव्यांग, आदिवासी, पिछड़े क्षेत्रों रहने वाली बेटियों को प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है।
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इस मौके पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग को उन सभी मुद्दों पर बात करनी चाहिए। कार्यक्रमों, सेमिनारों और जागरुकता के माध्यम से हम समाज के अनेक लोगों तक संदेश पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर बाल विवाह, मासिक धर्म, महिला सशक्तीकरण जैसे मुद्दों पर अपनी चुप्पी तोड़कर एकजुट होकर नए विश्व के निर्माण के लिए आगे आएं।
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साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि मासिक धर्म शुरू होने की उम्र में 24 प्रतिशत लड़कियां स्कूल जाना छोड़ देती हैं। इसके लिए उन्हें शिक्षा देने की जरूरत है कि वे इस उम्र में अपने शरीर को सुरक्षित, स्वच्छ रखते हुए शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं। कार्यक्रम के बाद स्वामी ने विशेषज्ञों को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया और सभी को बेटियों की सुरक्षा व शिक्षा के लिए योगदान करने का संकल्प कराया।