{"_id":"5ceee41abdec2206ff5a73a4","slug":"155915988117-rishikesh-news91","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेयर ने निर्माणाधीन जूताघर पर जताई आपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेयर ने निर्माणाधीन जूताघर पर जताई आपति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से त्रिवेणी घाट पर बनाए जा रहे जूताघर की लोकेशन को लेकर मेयर अनिता ममगाईं ने आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने धार्मिक सुचिता का हवाला देते हुए अन्यत्र शिफ्ट करने की बात कही है।
त्रिवेणी घाट पर पहले से स्थापित जूताघर अवैध कब्जे का शिकार हो चुका है। इसमें गंगा सभा ने नगर निगम से बिना किसी अनुबंध अपना दफ्तर खोल लिया है। इसी के बगल में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से जूताघर बनाया जा रहा है। बुधवार को मेयर अनिता ममगाईं मौके पर पहुंचीं और नए जूताघर की लोकेशन को लेकर आपत्ति जाहिर की। मेयर ने कहा कि मंदिर के सामने जूताघर होना धार्मिक रीति रिवाजों के अनुरूप नहीं है। वैकल्पिक रूप से दूसरा खाली पड़ा भवन भी दिखाया गया। इस पर एचआरडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन ने सहमति जताते हुए निर्माण रोकने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा कई पार्षदों ने निर्माणाधीन जूताघर को तोड़ने की दलील दी। इस दौरान नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान समेत कई पार्षद भी मौके पर मौजूद रहे।
अवैध कब्जे खाली नहीं करा पा रहा निगम
त्रिवेणी घाट पर जूताघर को लेकर स्थिति हास्यास्पद हो गई है। पहले से स्थापित जूताघर पर बिना किसी अनुबंध के गंगा सभा ने कब्जा जमा लिया है। कई वर्षों से गंगा सभा ने भवन कर भी नहीं अदा किया है। ये मुद्दा निगम की बोर्ड बैठक में भी उठ चुका है। अभी तक निगम जूताघर को नियमों के दायरे में नहीं ला पाया है। भवन कर के रूप में बकाया लाखों रुपये की भरपाई कैसे होगी ये भी तय नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
निर्माण पर खर्च हुए बजट की भरपाई पर चुप्पी
मेयर अनिता ममगाईं के हस्तक्षेप पर निर्माणाधीन जूताघर को अन्यत्र शिफ्ट करने का फैसला तो हो गया है, लेकिन इस कार्य पर खर्च हुए बजट की भरपाई कैसे होगी इस पर सबकी चुप्पी है। नए भवन का उपयोग क्या होगा इसका भी फैसला नहीं हो पाया है। इस मामले में एचआरडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन का कहना है कि जूताघर के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं ये सही है। इसका सदुपयोग कैसे होगा इस पर विचार किया जाएगा।
---
पहले से जूताघर मौजूद है यह सही है। मीडिया से ही पता चला कि पूर्व की पालिका प्रबंधन के दौरान मौखिक सहमति पर गंगा सभा ने पुराने जूताघर में अपना दफ्तर खोला है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी न्यायसंगत कदम होगा वो उठाया जाएगा।
-अनिता ममगाईं, मेयर, ऋषिकेश
विज्ञापन
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से त्रिवेणी घाट पर बनाए जा रहे जूताघर की लोकेशन को लेकर मेयर अनिता ममगाईं ने आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने धार्मिक सुचिता का हवाला देते हुए अन्यत्र शिफ्ट करने की बात कही है।
त्रिवेणी घाट पर पहले से स्थापित जूताघर अवैध कब्जे का शिकार हो चुका है। इसमें गंगा सभा ने नगर निगम से बिना किसी अनुबंध अपना दफ्तर खोल लिया है। इसी के बगल में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से जूताघर बनाया जा रहा है। बुधवार को मेयर अनिता ममगाईं मौके पर पहुंचीं और नए जूताघर की लोकेशन को लेकर आपत्ति जाहिर की। मेयर ने कहा कि मंदिर के सामने जूताघर होना धार्मिक रीति रिवाजों के अनुरूप नहीं है। वैकल्पिक रूप से दूसरा खाली पड़ा भवन भी दिखाया गया। इस पर एचआरडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन ने सहमति जताते हुए निर्माण रोकने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा कई पार्षदों ने निर्माणाधीन जूताघर को तोड़ने की दलील दी। इस दौरान नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान समेत कई पार्षद भी मौके पर मौजूद रहे।
विज्ञापन
अवैध कब्जे खाली नहीं करा पा रहा निगम
त्रिवेणी घाट पर जूताघर को लेकर स्थिति हास्यास्पद हो गई है। पहले से स्थापित जूताघर पर बिना किसी अनुबंध के गंगा सभा ने कब्जा जमा लिया है। कई वर्षों से गंगा सभा ने भवन कर भी नहीं अदा किया है। ये मुद्दा निगम की बोर्ड बैठक में भी उठ चुका है। अभी तक निगम जूताघर को नियमों के दायरे में नहीं ला पाया है। भवन कर के रूप में बकाया लाखों रुपये की भरपाई कैसे होगी ये भी तय नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
निर्माण पर खर्च हुए बजट की भरपाई पर चुप्पी
मेयर अनिता ममगाईं के हस्तक्षेप पर निर्माणाधीन जूताघर को अन्यत्र शिफ्ट करने का फैसला तो हो गया है, लेकिन इस कार्य पर खर्च हुए बजट की भरपाई कैसे होगी इस पर सबकी चुप्पी है। नए भवन का उपयोग क्या होगा इसका भी फैसला नहीं हो पाया है। इस मामले में एचआरडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन का कहना है कि जूताघर के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं ये सही है। इसका सदुपयोग कैसे होगा इस पर विचार किया जाएगा।
---
पहले से जूताघर मौजूद है यह सही है। मीडिया से ही पता चला कि पूर्व की पालिका प्रबंधन के दौरान मौखिक सहमति पर गंगा सभा ने पुराने जूताघर में अपना दफ्तर खोला है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी न्यायसंगत कदम होगा वो उठाया जाएगा।
-अनिता ममगाईं, मेयर, ऋषिकेश