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पर्यटकों के आकर्षण केंद्र नीरगढ़ वॉटर फॉल में फैली गंदगी
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
तीर्थनगरी से कुछ किलोमीटर दूरी पर स्थित पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र नीरगढ़ वॉटर फॉल गंदगी का शिकार है। इससे स्वच्छता अभियान और व्यवस्था की कलई खुल रही है।
तपोवन से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित नीरगढ़ वॉटर फॉल देश ही नहीं बल्कि विदेशी लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। गर्मी के दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटक नीरगढ़ वॉटर फॉल पहुंचते हैं। प्राकृतिक पानी के झरना होने के कारण पर्यटक यहां खूब लुत्फ उठाते हैं। फिलवक्त नीरगढ़ वॉटर फॉल स्थल पर जगह-जगह गंदगी फैली है। जगह-जगह खुले मैगी प्वाइंट गंदगी फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके अलावा पर्यटक भी खाद्य सामग्री के पैकेट इधर-उधर फेंक देते हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से नीर झरना स्वयं सहायता समूह बनाकर यहां सफाई रखने आदि की व्यवस्था तय की गई है। इसके एवज में वॉटर फॉल जाने वाले पर्यटकों से 30 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क भी लिया जाता है। इसमें से 20 प्रतिशत वन विभाग, 20 प्रतिशत वॉटर फॉल के रखरखाव पर और 60 प्रतिशत स्वयंसेवकों के अनुदान पर खर्च होता है। इसके बावजूद स्वच्छता के नाम पर यहां कुछ नहीं किया जा रहा है।
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नीरगढ़ वॉटर फॉल में साफ-सफाई व्यवस्था और रखरखाव का कार्य नीर झरना स्वयं सहायता समूह की ओर से देखा जाता है। पर्यटकों से लिए जाने वाले शुल्क में से 20 प्रतिशत शुल्क वन विभाग को दिया जाता है।
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-स्पर्श काला, रेंज अधिकारी शिवपुरी
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प्रतिदिन सुबह वॉटर फॉल में सफाई करवाई जाती है। कूड़े के लिए कोई ठोस व्यवस्था न होने पर पैकेटों में पैक कर बाहर भेजा जाता है। पर्यटकों के लिए नीरगढ़ वॉटर फॉल को स्वच्छ रखना नीर झरना स्वयं सहायता समूह का प्रथम कर्तव्य है।
-विरेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष, नीर झरना स्वयं सहायता समूह
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तीर्थनगरी से कुछ किलोमीटर दूरी पर स्थित पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र नीरगढ़ वॉटर फॉल गंदगी का शिकार है। इससे स्वच्छता अभियान और व्यवस्था की कलई खुल रही है।
तपोवन से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित नीरगढ़ वॉटर फॉल देश ही नहीं बल्कि विदेशी लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। गर्मी के दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटक नीरगढ़ वॉटर फॉल पहुंचते हैं। प्राकृतिक पानी के झरना होने के कारण पर्यटक यहां खूब लुत्फ उठाते हैं। फिलवक्त नीरगढ़ वॉटर फॉल स्थल पर जगह-जगह गंदगी फैली है। जगह-जगह खुले मैगी प्वाइंट गंदगी फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके अलावा पर्यटक भी खाद्य सामग्री के पैकेट इधर-उधर फेंक देते हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से नीर झरना स्वयं सहायता समूह बनाकर यहां सफाई रखने आदि की व्यवस्था तय की गई है। इसके एवज में वॉटर फॉल जाने वाले पर्यटकों से 30 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क भी लिया जाता है। इसमें से 20 प्रतिशत वन विभाग, 20 प्रतिशत वॉटर फॉल के रखरखाव पर और 60 प्रतिशत स्वयंसेवकों के अनुदान पर खर्च होता है। इसके बावजूद स्वच्छता के नाम पर यहां कुछ नहीं किया जा रहा है।
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नीरगढ़ वॉटर फॉल में साफ-सफाई व्यवस्था और रखरखाव का कार्य नीर झरना स्वयं सहायता समूह की ओर से देखा जाता है। पर्यटकों से लिए जाने वाले शुल्क में से 20 प्रतिशत शुल्क वन विभाग को दिया जाता है।
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-स्पर्श काला, रेंज अधिकारी शिवपुरी
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प्रतिदिन सुबह वॉटर फॉल में सफाई करवाई जाती है। कूड़े के लिए कोई ठोस व्यवस्था न होने पर पैकेटों में पैक कर बाहर भेजा जाता है। पर्यटकों के लिए नीरगढ़ वॉटर फॉल को स्वच्छ रखना नीर झरना स्वयं सहायता समूह का प्रथम कर्तव्य है।
-विरेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष, नीर झरना स्वयं सहायता समूह