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लैब भेजे गए गुलदार के खून, मल और बाल के नमूने
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
रायवाला। रायवाला क्षेत्र से सटी वन सीमाओं पर लगातार सक्रिय गुलदार की पहचान को लेकर राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन लगातार सतर्क है। मोतीचूर रेंज में बीते रविवार को छावनी क्षेत्र की तारबाड़ में फंसकर घायल हुई मादा गुलदार के आदमखोर होने की जांच के लिए उसका खून, मल और बाल लैब भेजे गए हैं।
बता दें, बीते दिनों छावनी क्षेत्र की तारबाड़ में फंसकर एक मादा गुलदार घायल हो गई थी। इसके बाद से गुलदारों की पहचान को लेकर रेंज प्रशासन लगातार सतर्क है। इसी के चलते रेंज प्रशासन की ओर से घायल मादा गुलदार के आदमखोर होने की जांच पुष्टि के लिए उसके खून, मल और बालों के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। रेंज अधिकारी प्रमोद ध्यानी ने बताया कि मादा गुलदार के खून, मल और बालों के नमूने वन्यजीव संस्थान देहरादून और पशुलोक स्थित लैब ऋषिकेश भेजे गए हैं। यदि जांच में गुलदार के आदमखोर होने की पुष्टि होती है तो उसे उपचार के बाद मोतीचूर रेंज से हटाकर अन्य रेंज में छोड़ा जाएगा।
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रायवाला। रायवाला क्षेत्र से सटी वन सीमाओं पर लगातार सक्रिय गुलदार की पहचान को लेकर राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन लगातार सतर्क है। मोतीचूर रेंज में बीते रविवार को छावनी क्षेत्र की तारबाड़ में फंसकर घायल हुई मादा गुलदार के आदमखोर होने की जांच के लिए उसका खून, मल और बाल लैब भेजे गए हैं।
बता दें, बीते दिनों छावनी क्षेत्र की तारबाड़ में फंसकर एक मादा गुलदार घायल हो गई थी। इसके बाद से गुलदारों की पहचान को लेकर रेंज प्रशासन लगातार सतर्क है। इसी के चलते रेंज प्रशासन की ओर से घायल मादा गुलदार के आदमखोर होने की जांच पुष्टि के लिए उसके खून, मल और बालों के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। रेंज अधिकारी प्रमोद ध्यानी ने बताया कि मादा गुलदार के खून, मल और बालों के नमूने वन्यजीव संस्थान देहरादून और पशुलोक स्थित लैब ऋषिकेश भेजे गए हैं। यदि जांच में गुलदार के आदमखोर होने की पुष्टि होती है तो उसे उपचार के बाद मोतीचूर रेंज से हटाकर अन्य रेंज में छोड़ा जाएगा।
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