{"_id":"5c477388bdec227391006789","slug":"121548186504-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बारिश ने सीवरेज सिस्टम की खोली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहली बारिश ने सीवरेज सिस्टम की खोली पोल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेेश
साल की पहली बारिश ने शहर में सीवरेज सिस्टम की पोल खोल दी है। कॉलोनियों में पानी भरने से लोग जूझते रहे। खास बात यह है कि सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में भी शहर में जल निकासी के इंतजाम को लेकर बहस हुई थी। मंगलवार को सुबह से ही तीर्थनगरी क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई थी। जिलाधिकारी के आदेश के चलते स्कूलों में छुट्टी होने से बच्चे घर पर रहे। शुुरुआत में बारिश धीमी रही। दिन ढलते ही बारिश ने रुकने का नाम ही नहीं लिया। पूरे दिन ठंडी हवाओं और बारिश का दौर जारी रहा। इस कारण घरों सहित, दुकानों में हीटर तथा सार्वजनिक स्थानों पर लोग अंगीठी में हाथ पांव सेंकते नजर आए।
सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त रही। पानी की निकासी न होने से लोगों के घरों के बाहर तालाब सा बन गया था। उधर रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, त्रिवेणी घाट पर यात्री, साधु संत, भिक्षुक रैनबसेरों में दुबके नजर आए। पूरे दिन ठंडी हवा और बारिश का दौर रहा। इसका असर नगर के सरकारी दफ्तरों पर भी देखने को मिला। तहसील में कोई फरियादी नहीं पहुंचा। इसी तरह जल संस्थान, नगर निगम, लोनिवि आदि सरकारी दफ्तरों में अधिकारी पूरे दिन हीटर के नजदीक ही रहे।
लगातार बारिश के बीच तीर्थनगरी के बाजारों से भी रौनक गायब रही। यहां त्रिवेणी घाट, सुभाष चौक, गोल मार्केट, लाजपतराय मार्ग, मुखर्जी मार्ग, रेलवे रोड, तिलक रोड, हीरालाल मार्ग, देहरादून रोड, हरिद्वार रोड, जैन मार्केट, मनीराम मार्ग आदि क्षेत्रों के बाजारों में लोग बहुत कम संख्या में देेखने को मिले। इस कारण व्यापार भी प्रभावित रहा। दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए लोग शाम तक बारिश थमने का इंतजार करते रहे। सड़कों पर हुए जलभराव ने चार पहिया वाहनों को भी थमने पर मजबूर कर दिया।
विज्ञापन
सड़कें बनीं तालाब, बढ़ीं दिक्कतें
बारिश से तीर्थनगरी की अधिकांश सड़के जलमग्न हो गई। गंगानगर, बनखंडी, शांतिनगर, इंद्रानगर, नेहरू ग्राम, आशुतोष नगर, वाल्मीकि नगर, जाटव बस्ती, रेलवे रोड, देहरादून रोड, हरिद्वार रोड, तिलक रोड, सुभाष चौक, गोविंद नगर, आवास विकास, शिवाजी नगर, बैराज कॉलोनी, विस्थापित क्षेत्र, आईडीपीएल, श्यामपुर, भट्टोवाला, खदरी आदि क्षेेत्रों की सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया। इससे मार्ग पर चलने वालों को आवागमन के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कोट्स
जलभराव को लेकर मेरे पास अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है, तो पंपिंग सेट की मदद से पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी। यह मामला सोमवार को निगम की बोर्ड बैठक में भी उठा था। इस मामले में जल्द कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
- प्रेमलाल, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश।
विज्ञापन
साल की पहली बारिश ने शहर में सीवरेज सिस्टम की पोल खोल दी है। कॉलोनियों में पानी भरने से लोग जूझते रहे। खास बात यह है कि सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में भी शहर में जल निकासी के इंतजाम को लेकर बहस हुई थी। मंगलवार को सुबह से ही तीर्थनगरी क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई थी। जिलाधिकारी के आदेश के चलते स्कूलों में छुट्टी होने से बच्चे घर पर रहे। शुुरुआत में बारिश धीमी रही। दिन ढलते ही बारिश ने रुकने का नाम ही नहीं लिया। पूरे दिन ठंडी हवाओं और बारिश का दौर जारी रहा। इस कारण घरों सहित, दुकानों में हीटर तथा सार्वजनिक स्थानों पर लोग अंगीठी में हाथ पांव सेंकते नजर आए।
सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त रही। पानी की निकासी न होने से लोगों के घरों के बाहर तालाब सा बन गया था। उधर रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, त्रिवेणी घाट पर यात्री, साधु संत, भिक्षुक रैनबसेरों में दुबके नजर आए। पूरे दिन ठंडी हवा और बारिश का दौर रहा। इसका असर नगर के सरकारी दफ्तरों पर भी देखने को मिला। तहसील में कोई फरियादी नहीं पहुंचा। इसी तरह जल संस्थान, नगर निगम, लोनिवि आदि सरकारी दफ्तरों में अधिकारी पूरे दिन हीटर के नजदीक ही रहे।
विज्ञापन
लगातार बारिश के बीच तीर्थनगरी के बाजारों से भी रौनक गायब रही। यहां त्रिवेणी घाट, सुभाष चौक, गोल मार्केट, लाजपतराय मार्ग, मुखर्जी मार्ग, रेलवे रोड, तिलक रोड, हीरालाल मार्ग, देहरादून रोड, हरिद्वार रोड, जैन मार्केट, मनीराम मार्ग आदि क्षेत्रों के बाजारों में लोग बहुत कम संख्या में देेखने को मिले। इस कारण व्यापार भी प्रभावित रहा। दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए लोग शाम तक बारिश थमने का इंतजार करते रहे। सड़कों पर हुए जलभराव ने चार पहिया वाहनों को भी थमने पर मजबूर कर दिया।
विज्ञापन
सड़कें बनीं तालाब, बढ़ीं दिक्कतें
बारिश से तीर्थनगरी की अधिकांश सड़के जलमग्न हो गई। गंगानगर, बनखंडी, शांतिनगर, इंद्रानगर, नेहरू ग्राम, आशुतोष नगर, वाल्मीकि नगर, जाटव बस्ती, रेलवे रोड, देहरादून रोड, हरिद्वार रोड, तिलक रोड, सुभाष चौक, गोविंद नगर, आवास विकास, शिवाजी नगर, बैराज कॉलोनी, विस्थापित क्षेत्र, आईडीपीएल, श्यामपुर, भट्टोवाला, खदरी आदि क्षेेत्रों की सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया। इससे मार्ग पर चलने वालों को आवागमन के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कोट्स
जलभराव को लेकर मेरे पास अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है, तो पंपिंग सेट की मदद से पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी। यह मामला सोमवार को निगम की बोर्ड बैठक में भी उठा था। इस मामले में जल्द कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
- प्रेमलाल, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश।