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खतरे के निशान से 10 सेमी नीचे गंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Wed, 22 Jun 2016 02:11 AM IST
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गंगा
- फोटो : filephoto
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पहाड़ों में भारी बारिश होने से मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया। इस समय गंगा दस सेमी बढ़ गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक फिलहाल गंगा 338.41 मीटर पर बह रही है। जबकि खतरे का निशान 338.51 मीटर है। जलस्तर बढ़ने पर नदी में चलने वाली बोटों का संचालन बंद हो गया है।
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बोट संचालन बंद होने से रामझूला पुल पर दिनभर यात्री, पर्यटक और स्थानीय लोगों का जमावड़ा रहा। इस दौरान लोगों को पुल पर आवागमन करने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी। वहीं पुल पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रण करने के लिए थाना लक्ष्मणझूला और मुनिकीरेती पुलिस जवानों के पसीने छूट गए।
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तीर्थनगरी में मुनिकीरेती स्थित शत्रुघ्न घाट से स्वर्गाश्रम नाव घाट तक दो क्षेत्रों को पार करने के लिए गंगा नदी में बोटों का संचालन किया जाता है। बोट की सुविधा के कारण बुजुर्ग, विकलांग और असहाय लोगों को इससे सहूलियत मिलती है। साथ ही शिवानंद झूला पुल पर पर्यटकों की भीड़ कम होती है।
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बोट का संचालन बंद होने से यात्री, पर्यटक और स्थानीय लोगों को परेशानी से दो चार होना पड़ा। वहीं बोटों का संचालन बंद होने से इसका असर बोट संचालकों के आजीविका पर पड़ रहा है। बोट संचालक रामलाल शर्मा, पूरण सिंह, मणी, शंकर, चंद्रपाल नागर, शंगरी और बुद्घि गायन ने कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से बोट का संचालन बंद करना पड़ा। बोट बंद होने से उनके सामने आजीविका की परेशानी खड़ी हो गई है।