उत्तराखंडः बारिश ने दी बड़ी राहत, पहाड़ में जंगलों की आग शांत
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उत्तराखंड के पहाड़ में जोरदार बारिश होने से जंगलों की आग काफी हद तक बुझ गई है। गढ़वाल क्षेत्र के किसी भी इलाके से जंगल में आग लगने की सूचना नहीं मिलने पर वायु सेना के एमआई-17 हेलीकाप्टर ने भी उड़ान नहीं भरी।
केदारघाटी में बुधवार दोपहर बाद करीब पौन घंटे तक झमाझम बारिश हुई। रुद्रप्रयाग में कुछ देर के लिए तेज बौंछारें गिरने से जंगलों में लगी आग बुझ गई। भले ही बुधवार दोपहर तक कुछ स्थानों पर धुएं का गुबार उठने की सूचना थी। शाम तक बूंदाबांदी होने से वहां भी आग पूरी तरह से बुझ गई है। इधर, डीएफओ राजीव धीमान ने बताया कि मंगलवार रात और बुधवार दोपहर बाद हुई बारिश से सभी पांच रेंजों में जंगलों की आग बुझ गई है।
पौड़ी में शहर और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार शाम को झमाझम बारिश होने से वन विभाग के साथ-साथ आम लोगों ने भी राहत की सांस ली। बारिश होने से जंगलों में लगी पूरी तरह बुझने का दावा वन विभाग ने किया है।
नई टिहरी में भिलंगना के अधिकतर क्षेत्रों में मंगलवार शाम झमाझम बारिश होने से जंगलों की आग बुझ गई। जिले के अन्य क्षेत्रों में बुधवार दोपहर बाद बारिश हुई। डीएफओ आरपी मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को भिलंगना और बुधवार को कौड़िया, थौलधार, आराकोट, टिहरी, पौखाल में बारिश हुई है, जबकि चंबा-रानीचौरी बारिश से वंचित रहा। प्रतापनगर जलकुर नदी के पास लगी आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। बुधवार शाम तक जिले में जंगलों में आग की घटनाएं शून्य पर आ गई है।
चमोली जिले की ऊंची चोटियों पर हिमपात
गोपेश्वर में बुधवार को दोपहर बाद बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ सहित जनपद की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश-बर्फबारी होने से मौसम में ठंडक लौट आई। बारिश और बर्फबारी के चलते हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग से बर्फ हटाने में लगे सेना के जवानों को काम रोकना पड़ा। गोविंदघाट, पांडुकेश्वर, जोशीमठ, गोपेश्वर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी में भी दोपहर बाद बारिश हुई।
कर्णप्रयाग में बुधवार सुबह नौ बजे करीब हल्की बूंदा बांदी होने के बाद अपराह्न तीन बजे बाद मौसम का मिजाज फिर बिगड़ गया। बादलों की गड़गड़ाहट और हवा के साथ हल्की बूंदा-बांदी शाम तक जारी रही। वहीं थराली और ग्वालदम में शाम को बारिश हुई।
कुमाऊं में बारिश, जंगल की आग बुझी
कुमाऊं के विभिन्न हिस्सों में बुधवार शाम आंधी-तूफान के बाद हुई तेज बारिश से जहां कई जगहों पर जंगलों की आग को बुझा दिया है वहीं भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को भी राहत दी है। हालांकि आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से आम और लीची की फसल को खासा नुकसान हुआ है।
शाम करीब सात बजे अंधड़ के बीच हल्द्वानी और ऊधमसिंहनगर में करीब आधा घंटे तक तेज बारिश हुई। पहाड़ी इलाकों में भी अंधड़ के साथ हल्की बूंदाबांदी के समाचार हैं। बागेश्वर जिले में हल्की बूंदाबांदी हो रही है। लगातार दूसरे दिन विभिन्न हिस्सों में तेज गरज के साथ वर्षा हुई। बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में जिले में भी हल्की बूंदाबांदी जारी है।
मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों में अगले 72 घंटों के भीतर आंधी-तूफान की संभावना जताई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने सभी विभागों के अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। गरुड़ तहसील क्षेत्र में बुधवार को दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। बारिश से जंगलों में लगी आग कुछ हद तक बुझ गई है। उधर रानीखेत क्षेत्र में दोपहर बूबूधाम के आरक्षित वन में धधकी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तीन हेक्टेयर जंगल राख हो गया। हालांकि वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
आग से घिरा पंतगांव, पांच घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
देवप्रयाग में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटा पंतगांव जंगल की आग से घिर गया। ग्रामीणों के साथ वन विभाग, पुलिस और जल संस्थान के कर्मचारियों ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम पंतगांव से करब एक किमी ऊपर टोल गांव की सीमा पर लगी आग तेज हवाओं से पंतगांव तक आ पहुंची। गांव के समीप लैंटाना की झाड़ियां होने से आग गांव के चारों ओर फैल गई। गांव में रहने वाले करीब 25 परिवार आग से घिर गए।
ग्रामीणों के शोर मचाने पर पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग और जल संस्थान के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पानी के टैंकर और झाडिय़ों के झापों से पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया गया। आग बुझाने वालों में थाना प्रभारी हेमंत खंडूड़ी, राजस्व उपनिरीक्षक अंबिका कर्नाटक, दुर्गा देवी, उमा देवी, जयप्रकाश, धर्मेंद्र आदि शामिल थे।
बारिश से राहत, फिर भी हर घंटे में चार जगह आग
उत्तराखंड के मध्य हिमालयी क्षेत्र में बेकाबू हो रहे आग के कदम मौसम के बदले मिजाज से ठिठक गए हैं। पहाड़ों पर बारिश से आग की लपटों के तेवर ढीले पड़ गए हैं। फिर भी जंगलों में हर घंटे में चार नए स्थानों पर आग लगी है। 21 घंटों के अंदर आग की 90 घटनाएं हुईं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य कर्मचारियों की मुस्तैदी से 76 जगहों पर आग पर काबू पा लिया गया। वहीं आग से मरने वालों की संख्या सात हो गई है। पिथौरागढ़ में आग लगाने के मामले में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में शासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
बुधवार को मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने पत्रकारों को बताया कि प्रदेश के जंगलों में आग पर नियंत्रण पा लिया गया है। गर्मी का मौसम होने की वजह से अभी और आग की घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन घटना होते ही उस पर तत्परता से काबू पा लिया जाएगा। इसके लिए फायर फाइटिंग टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं। बताया कि 90 आग की घटनाओं में 76 पर काबू पा लिया गया, सिर्फ 14 स्थानों पर एक्टिव फायर रही। मंगलवार को 26 और सोमवार को 70 स्थानों पर एक्टिव फायर रही थी। बुधवार को आग बुझाने के लिए वायु सेना के हेलीकाप्टरों के प्रयोग की भी जरूरत नहीं पड़ी।
अपर मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें एक बाइक सवार व्यक्ति आग लगाते हुए दिख रहा है। इस संबंध में डीएफओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। प्रदेश में आग की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब सात हो गई है। मरने वालों की संख्या नैनीताल में तीन हो गई हैं। अभी तक नैनीताल, पौड़ी, बागेश्वर, चमोली, कोटद्वार में एक-एक व्यक्ति की मौत रिपोर्ट आई है। 16 व्यक्ति घायल और सात पशु मरे हैं। आग की अब तक 1681 घटनाएं हुई हैं। 3739 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ है।
सरकारी कर्मी के आश्रित को मिलेगी नौकरी
मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि आग की घटनाओं में अगर किसी सरकारी कर्मचारी की ऑन ड्यूटी मौत होती है तो मुआवजा के साथ मृतक के परिवार से एक आश्रित को नौकरी दी जाएगी। गत दिवस आग की घटना में मरे फायर वॉचर चैत सिंह की पत्नी को उसके पद पर रखा जाएगा। सेवा की सभी शर्तें मान्य रहेंगी।