फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   president rule may be possible in uttarakhand

उत्तराखंड कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता रद्द

Mon, 28 Mar 2016 01:10 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 28 Mar 2016 01:10 AM IST
विज्ञापन
president rule may be possible in uttarakhand
हरक स‌िंह रावत - फोटो : AmarUjala

विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने रविवार दोपहर बाद कांग्रेस के बागी नौ विधायकों की सदस्यता समाप्त कर दी। खास बात यह है कि सदस्यता 18 मार्च से समाप्त की गई है। साथ ही संबंधित विधायकों के निर्वाचित क्षेत्रों को भी रिक्त घोषित कर दिया गया है।

विज्ञापन


कुंजवाल के मुताबिक दिन में ढाई बजे यह फैसला कर संबंधित पक्ष को इसकी जानकारी दे दी गई थी। रविवार को कार्यमंत्रणा की बैठक भी हुई, जिसमें तय किया गया कि 28 मार्च को सदन में सरकार को बहुमत साबित करने का मौका दिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश का कहना था कि राष्ट्रपति शासन की विधिवत जानकारी विधानसभा को नहीं मिली है, लिहाजा 28 मार्च को प्रस्तावित सत्र की तैयारी विधिवत की जा रही है।
विज्ञापन


तीन पेज के आदेश में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि सदस्यों की सदस्यता को उसी दिन से समाप्त माना जाना जाएगा जिस दिन उन्होंने स्वेच्छा से अपनी सदस्यता का परित्याग कर दिया हो। विजय बहुगुणा सहित नौ विधायकों ने 18 मार्च को सदन स्थगन के बाद सरकार और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की। इस दिन यह विधायक भाजपा विधायकों के साथ मिलकर राज्यपाल से भी मिले और राज्यपाल को संयुक्त ज्ञापन सौंपा गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

विधानसभा को नहीं मिली राष्ट्रपति शासन की जानकारी: अध्यक्ष

president rule may be possible in uttarakhand
गोविंद कुंजवाल - फोटो : file photo

राष्ट्रपति शासन लगने की सूचनाओं के बीच रविवार को विधानसभा में गहमा-गहमी रही। सुबह दस बजे से ही विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दल बदल कानून के तहत कांग्रेस के बागी नौ विधायकों के प्रतिनिधियों को सुना। दोपहर बाद एक बजे तक यह कार्यवाही जारी रही।

इस बीच पूरा विधानसभा परिसर सील कर दिया गया और मीडिया से लेकर अन्य व्यक्तियों को भी विधानसभा में अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। शाम साढ़े पांच बजे विधानसभा अध्यक्ष मीडिया से मुखातिब हुए। अध्यक्ष के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, हरक सिंह, सुबोध उनियाल, शैलेंद्र मोहन सिंघल, उमेश शर्मा काऊ, शैला रानी, अमृता रावत, प्रदीप बतरा और कुंवर प्रणव चैंपियन की सदस्यता समाप्त कर दी गई है।

अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रपति शासन की कोई जानकारी विधानसभा को नहीं मिली है। इससे पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी हुई। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश और सदस्य नवप्रभात ही इस बैठक में शामिल हुए। नवप्रभात ने बताया कि कार्यमंत्रणा ने सोमवार के सत्र के लिए दो बिंदुओं का एजेंडा तैयार किया है। पहले राज्यपाल की ओर से 23 मार्च को विधानसभा को भेजा गया संदेश सदन में पढ़ा जाएगा। इसके बाद सरकार को विश्वास प्राप्त करने को कहा जाएगा। इस बीच विधानसभा में सुरक्षा में भी बदलाव कर दिया गया। विधानसभा के गेट पर पीएसी तैनात कर दी गई है।

कुछ हद तक राह की आसान

president rule may be possible in uttarakhand
विजय बहुगुणा - फोटो : ANI

नौ बागियों की सदस्यता समाप्त कर कांग्रेस ने कम से कम आगे की राह कुछ हद तक अपने लिए आसान की है। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद कानून के जानकार इसका कोई बहुत अधिक औचित्य नहीं बता रहे हैं। सदस्यता समाप्त होने को अब कांग्रेस के नौ विधायक सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। अब गेंद पूरी तरह से राजभवन के पाले में है।

राष्ट्रपति शासन लागू, न हो कार्यवाही
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित कांग्रेस के बागी नौ विधायकों के प्रतिनिधि राजेश्वर सिंह ने दोपहर 2.40 पर विधानसभा अध्यक्ष को पत्र देकर विधायकों के संदर्भ में कोई आदेश पारित न करने का आग्रह किया। विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए पत्र में राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। रविवार को सुनवाई डेढ़ बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद राष्ट्रपति शासन लागू होने के कारण कोई भी फैसला करना अनुचित होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed