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वन विभाग के अधिकारियों को दी वन्यजीव अपराधों की जानकारी
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वन विभाग सभागार में आयोजित कार्यशाला में मौजूद वन विभाग के अधिकारी।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत वन अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, वन अपराध और अन्य वन्यजीव संबंधी और भारत का संविधान, न्याय व्यवस्था आदि विषय पर वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारियों और फ्रंटलाइन कर्मियों की क्षमता विकास के लिए एक कार्यशाला हुई।
कार्यशाला में वन क्षेत्राधिकारी मुनस्यारी, अस्कोट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट, पिथौरागढ़ और धारचूला सहित 20 फ्रंटलाइन वर्करों को वन्यजीव अपराधों की जानकारी दी गई।
शनिवार को वन विभाग के सभागार में हुई कार्यशाला का शुभारंभ डीएफओ डॉ. विनय भार्गव ने किया। कार्यशाला में उन्होंने रिफ्रेसर कोर्स के उद्देश्य, भू-परिदृश्य और वन और वन्यजीवों के प्रकरणों की जानकारी दी।
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उन्होंने वन एवं वन्यजीवों से संबंधित प्रकरणों में जांच और चार्जशीट दाखिल करने, कानूनी ढांचा प्रणाली, न्यायालय, वन्यजीव और पर्यावरणीय विषयों पर जारी गाइडलाइन आदि की जानकारी भी दी।
मुख्य अतिथि उप महाधिवक्ता मनोज गोरकेला ने कार्यशाला में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, वन अपराध और अन्य वन्यजीव, भारत का संविधान, भारत की न्याय व्यवस्था, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की कार्य प्रणाली, वन एवं वन्यजीवों अधिनियम से संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून एवं गाइडलाइन की जानकारी दी।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश चंद्रा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिला न्यायालय स्तरीय वन्यजीव एवं वन विधि-कानून संबंधी प्रकरणों की जानकारी दी। वन प्रभाग नैनीताल के भगवत प्रसाद जोशी ने उच्च न्यायालय से संबंधित प्रकरणों की जानकारी दी।
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कार्यशाला में वन क्षेत्राधिकारी मुनस्यारी, अस्कोट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट, पिथौरागढ़ और धारचूला सहित 20 फ्रंटलाइन वर्करों को वन्यजीव अपराधों की जानकारी दी गई।
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शनिवार को वन विभाग के सभागार में हुई कार्यशाला का शुभारंभ डीएफओ डॉ. विनय भार्गव ने किया। कार्यशाला में उन्होंने रिफ्रेसर कोर्स के उद्देश्य, भू-परिदृश्य और वन और वन्यजीवों के प्रकरणों की जानकारी दी।
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उन्होंने वन एवं वन्यजीवों से संबंधित प्रकरणों में जांच और चार्जशीट दाखिल करने, कानूनी ढांचा प्रणाली, न्यायालय, वन्यजीव और पर्यावरणीय विषयों पर जारी गाइडलाइन आदि की जानकारी भी दी।
मुख्य अतिथि उप महाधिवक्ता मनोज गोरकेला ने कार्यशाला में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, वन अपराध और अन्य वन्यजीव, भारत का संविधान, भारत की न्याय व्यवस्था, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की कार्य प्रणाली, वन एवं वन्यजीवों अधिनियम से संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून एवं गाइडलाइन की जानकारी दी।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश चंद्रा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिला न्यायालय स्तरीय वन्यजीव एवं वन विधि-कानून संबंधी प्रकरणों की जानकारी दी। वन प्रभाग नैनीताल के भगवत प्रसाद जोशी ने उच्च न्यायालय से संबंधित प्रकरणों की जानकारी दी।