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समन्वय से काम कर रही सुरक्षा एजेंसियां

Tue, 05 Jul 2016 10:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्तड़ी/डीडीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्तड़ी/डीडीहाट Updated Tue, 05 Jul 2016 10:38 PM IST
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Working in coordination agencies
सेना के अधिकारियों से बात करते मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला

बस्तड़ी में 30 जून को बादल फटने की घटना के बाद जिस तरह सुरक्षा एजेंसियां समन्वय से काम कर रही हैं, वह काबिलेतारीफ है। प्रभावितों के मन में चाहे दर्द भरा हो, लेकिन जिस शिद्दत के साथ सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ काम कर रहे हैं उससे उनका दुख कुछ हल्का हो रहा है। लोगों को सुरक्षा एजेंसियों पर काफी भरोसा भी है।

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घटना के तुरंत बाद सबसे पहले 8 असम रेजीमेंट के जवान मौके पर पहुंचे थे। उसके कुछ देर बाद आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के जवानों ने मोर्चा संभाला। बाद में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान भी पहुंच गए। राहत और मलबे में दबे लोगों की खोजबीन के काम में लगे सुरक्षा एजेंसियों में किसी प्रकार की हड़बड़ी नहीं है। वह पूरे समन्वय से काम कर रहे हैं।
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मलबे में दबे लोगों की खोज जारी रहेगी
बस्तड़ी। एसडीआरएफ की टीम का नेतृत्व कर रहे डीएस मेहता का कहना है कि मलबे में दबे लोगों की खोजबीन का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। यह बात अलग है कि मौसम एवं दुर्गंध से दिक्कत आ रही है। फिर भी खोजबीन के काम की गति में कोई रुकावट नहीं आ रही है। 
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आपदा के समय हड़बड़ी न की जाए
बस्तड़ी। एनडीआरएफ के जवानों का नेतृत्व कर रहे ताहन सिंह का कहना है कि आपदा के समय किसी प्रकार की हड़बड़ी नहीं की जानी चाहिए। इससे राहत कार्यों में दिक्कत आती है। वह कहते हैं कि स्थानीय लोग पूरा सहयोग दे रहे हैं। स्थानीय प्रशासन भी मदद कर रहा है। 

सेना अपना काम जारी रखेगी
बस्तड़ी। राहत और बचाव में सबसे अहम रोल निभाने वाली 8 असम रेजीमेंट के कर्नल जे चौधरी का कहना है कि घायलों और बीमारों के लिए चिकित्सा कैंप लगाया गया है। बीमारी से बचने के लिए पूरे प्रभावित इलाके में दवा का छिड़काव किया गया है। सेना अपना काम जारी रखेगी।


आईटीबीपी हमेशा रहती है तत्पर
बस्तड़ी। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी महेंद्र प्रताप का कहना है कि घायलों की तत्काल मदद की गई। गंभीर घायलों को वाहिनी अस्पताल ले जाया गया। हर पीड़ित की हरसंभव मदद की जा रही है। वह कहते हैं कि आईटीबीपी आपदा के समय लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती है।

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