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जनता की संतुष्टि के बाद ही आगे बढ़ेगा काम
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 20 Jan 2018 10:16 PM IST
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पिथौरागढ़ में पंचेश्वर बांध के संबंध में हुई बैठक में मौजूद अधिकारी और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में आ रहे गांव के लोगों के साथ शनिवार को डीएम सी रविशंकर ने बैठक की। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनता की शंकाओं का निदान होगा और जब लोग संतुष्ट हो जाएंगे, तभी बांध के काम को आगे बढ़ाया जाएगा। पिछले दिनों झूलाघाट क्षेत्र में पेड़ों की गिनती का काम रोकने के बाद जब एसडीएम एसके पांडे की लोगों से बातचीत हुई तो उसमें तय किया गया था कि इस संबंध में डीएम के साथ बैठक होगी।
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डीएम ने कहा कि लोगों को बांध के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराना जिला प्रशासन और वाप्कॉस कंपनी की जिम्मेदारी है। बैठक में डीएफओ डॉ. विनय भार्गव और एडीएम मोहम्मद नासिर ने वन अधिकार अधिनियम, वन भूमि हस्तांतरण, पर्यावरणीय स्वीकृति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि सारे काम नियमों के अनुसार ही किए जा रहे हैं। जनता के हित किसी प्रकार बाधित नहीं होंगे। डीएम ने कहा कि इस बैठक का मकसद भी यही रहा है कि डूब क्षेत्र के लोगों और प्रशासन के साथ सीधा संवाद हो सके।
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महाकाली की आवाज संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत ने कहा कि वाप्कॉस कंपनी के सर्वे की सच्चाई इस आधार पर सामने आती है कि उसने अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में झूलाघाट और जौलजीबी जैसे महत्वपूर्ण कस्बों का जिक्र तक नहीं है। उन्होंने कहा कि रविवार को डूब क्षेत्र के लोग फिर से बैठक करेंगे और आज की बैठक की समीक्षा करेंगे। 22 जनवरी को एक बार फिर एसडीएम लोगों से बातचीत के लिए झूलाघाट जाएंगे। खड़ायत ने कहा कि गलत सर्वे से लाखों लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो जाएगा।
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बैठक में एसडीएम सदर एसके पांडे, धारचूला के एसडीएम आरके पांडे, गंगोलीहाट के एसडीएम वैभव गुप्ता, पंचायतराज अधिकारी सुरेश नाथ, झूलाघाट व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी, माजिरकांडा के प्रधान सुरेंद्र आर्य, डूब क्षेत्र प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर भट्ट, अशोक चंद आदि उपस्थित थे।