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Pithoragarh News: बुनकरों की आर्थिकी को मजबूत कर रहा ऊनी कारोबार

Sun, 23 Jun 2024 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 23 Jun 2024 11:52 PM IST
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Woolen business is strengthening the economy of weavers.
पिथौरागढ़ में ऊलन उत्पाद का प्र​शिक्षण लेते बुनकर। स्रोत: उद्योग केंद्र
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में ऊनी उत्पाद का कारोबार अधिक होता है। यहां पांच हजार से अधिक परिवार हथकरघा, हस्तशिल्प जैसे पुश्तैनी कार्य से जुड़े हैं। केंद्र सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (डीपीआईआईटी) की ओर से एक जनपद एक उत्पाद योजना में ऊनी उत्पाद का चयन किया गया है। इसके तहत बुनकर आधुनिक डिजायन के उत्पाद तैयार कर हैं। इससे उनकी आर्थिकी में भी इजाफा हो रहा है। ऊनी उत्पाद यहां आने वाले पर्यटकों और आम नागरिकों को भी ठंड से राहत दिला रहे हैं।
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सीमांत के बुनकर सालों से दन, कालीन, पंखी, शॉल, मफलर, चुटका, थुल्मा, टोपी, स्वेटर आदि ऊनी उत्पाद तैयार कर रहे हैं। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक पंकज तिवारी ने बताया कि बुनकरों को निफ्ट के डिजायनर और मास्टर क्राफ्टमैन आधुनिक तकनीकी का प्रशिक्षण देकर नए डिजायन के उत्पाद तैयार करवा रहे हैं। बुनकरों के लिए कच्चा माल स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध है।
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यहां के भेड़ पालक 44,336 भेडा़ें का पालन कर रहे हैं। इनसे प्रतिवर्ष 75,000 किलो ऊन का उत्पादन होता है। मुनस्यारी और धारचूला में उद्योग विभाग के कार्डिंग प्लांट स्थापित हैं जिनमें ऊन को कार्ड किया जाता है। बुनकरों की सुविधा के लिए डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी में हथकरघा सीएफसी सेंटर स्थापित किए गए हैं। तिवारी ने बताया कि उत्पादों की बिक्री के लिए प्रदेश और देश में समय-समय पर लगने वाले विभिन्न मेलों में बुनकर अपने स्टॉल लगाते हैं। बताया कि प्रत्येक वर्ष जिला स्तरीय पुरस्कारों का आयोजन कर उत्कृष्ट ऊलन उत्पाद का चयन कर बुनकरों को पुरस्कृत किया जाता है।
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ऊन उत्पाद को बढ़ावा दे रही हैं संस्थाएं
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में जय गंगनाथ स्वयं सहायता समूह, हिवांल निधि स्वायत्त सहकारी, प्रतिनिधि शिवालय महिला हस्तशिल्प हथकरघा जौलजीबी, मानसरोवर ऊनी कताई बिनाई सहकारी संस्था बिण, रं महिला बहुउद्देशीय स्वायत्त सहकारी संस्था, जय दुर्गे बुनकर औद्योगिक उत्पादन सहकारी संस्था लि. धारचूला, अवनी त्रिपुरा देवी बेड़ीनाग संस्थाएं भी ऊनी कारोबार से जुड़ी हैं। इस कारोबार से इन संस्थाओं से 564 सदस्य जुड़े हैं। उद्योग विभाग की ओर से इन्हें भी एक जिला एक उत्पाद योजना का लाभ दिया जा रहा है। संवाद

कोट
बुनकरों को उद्योग विभाग की ओर से संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत उपादान युक्त ऋण सुविधा मुहैया कराई जा रही है। सीमांत के बुनकर विभिन्न उत्पादों में अपना हुनर दिखा रह हैं। - पंकज तिवारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, पिथौरागढ़।
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