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पिथौरागढ़ में महिलाएं चला रही हैं कैफे
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पिथौरागढ़ में खुला पहला महिला कैफे। अमर उजाला
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की महिलाओं ने घर की रसोई से बाहर निकलकर कैफे खोल दिया। समूह के माध्यम से संचालित हो रहा यह प्रदेश का पहला महिला कैफे है। टकाना टी नाम से चल रहे इस कैफे में अधिकतर व्यंजन महिला समूहों के उत्पादों से तैयार किए जा रहे हैं। शुरुआत के तीन महीनों में अच्छी आय अर्जित की गई है। इससे महिलाएं काफी उत्साहित हैं।
टकाना में स्थित पिथौरागढ़ के सरस बाजार में आजीविका परियोजना के तहत संचालित महिला समूहों के उत्पादों के आउटलेट हैं। इसी में टकाना टी नाम से एक कैफे भी खोला गया है। कैफे की संचालिका सोर संस्कृति समूह की ज्योत्सना धामी हैं। उनके साथ भोजन बनाने से लेकर सर्विस तक के लिए हेमा और रजनी सहित चार महिलाएं हैं। ज्योत्सना ने बताया कि इसी साल 12 जून को कैफे खोला गया था। पहले महीने कैफे से 60 हजार की आय हुई थी। जुलाई माह में 94 हजार रुपये और अगस्त में 1.1 लाख रुपये की आय हुई है। कैफे में चाय, कॉफी, सूप, शेक, मैगी, मोमो, हलवा, बिरयानी और सैंडविच से लेकर लगभग हर तरह के व्यंजन बनते हैं। कैफे में तैयार होने वाले व्यंजन के लिए अधिकतर उत्पाद महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए होते हैं। ज्योत्सना ने बताया कि इस कैफे का संचालन शुरू करने के बाद उनका अच्छा अनुभव रहा है। वह और इससे जुड़ी अन्य महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गई हैं। यदि सरस बाजार में स्थान मिले तो एक रेस्टोरेंट खोलने की योजना है।
सरस बाजार के आउटलेट में हो रही पांच लाख की बिक्री
पिथौरागढ़। महिला समूहों के उत्पादों को बेचने के लिए सरस बाजार में दो आउटलेट खोले गए हैं। इनमें से एक का संचालन नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (एनआरएलएम) और दूसरे का इंट्रीग्रेटेड लाइवलीहुड सपोर्ट प्रोजेक्ट (आईएलएसपी)के तहत किया जा रहा है। एक आउटलेट में हर माह पांच लाख रुपये की बिक्री होती है। महिला फेडरेशन की जिलाध्यक्ष रेखा भट्ट ने बताया कि सरस बाजार में 12 महिलाओं को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिला है। सभी विकासखंडों की 2500 महिलाएं इससे जुड़ी हुई हैं।
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कैफे संचालन का अनुभव महिलाओं के लिए नया है। महिलाएं काफी उत्साहित हैं। समूहों के माध्यम से काम कर रही महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से और बेहतर कर सकें, इसके प्रयास हो रहे हैं। वंदना, मुख्य विकास अधिकारी, पिथौरागढ़।
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टकाना में स्थित पिथौरागढ़ के सरस बाजार में आजीविका परियोजना के तहत संचालित महिला समूहों के उत्पादों के आउटलेट हैं। इसी में टकाना टी नाम से एक कैफे भी खोला गया है। कैफे की संचालिका सोर संस्कृति समूह की ज्योत्सना धामी हैं। उनके साथ भोजन बनाने से लेकर सर्विस तक के लिए हेमा और रजनी सहित चार महिलाएं हैं। ज्योत्सना ने बताया कि इसी साल 12 जून को कैफे खोला गया था। पहले महीने कैफे से 60 हजार की आय हुई थी। जुलाई माह में 94 हजार रुपये और अगस्त में 1.1 लाख रुपये की आय हुई है। कैफे में चाय, कॉफी, सूप, शेक, मैगी, मोमो, हलवा, बिरयानी और सैंडविच से लेकर लगभग हर तरह के व्यंजन बनते हैं। कैफे में तैयार होने वाले व्यंजन के लिए अधिकतर उत्पाद महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए होते हैं। ज्योत्सना ने बताया कि इस कैफे का संचालन शुरू करने के बाद उनका अच्छा अनुभव रहा है। वह और इससे जुड़ी अन्य महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गई हैं। यदि सरस बाजार में स्थान मिले तो एक रेस्टोरेंट खोलने की योजना है।
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सरस बाजार के आउटलेट में हो रही पांच लाख की बिक्री
पिथौरागढ़। महिला समूहों के उत्पादों को बेचने के लिए सरस बाजार में दो आउटलेट खोले गए हैं। इनमें से एक का संचालन नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (एनआरएलएम) और दूसरे का इंट्रीग्रेटेड लाइवलीहुड सपोर्ट प्रोजेक्ट (आईएलएसपी)के तहत किया जा रहा है। एक आउटलेट में हर माह पांच लाख रुपये की बिक्री होती है। महिला फेडरेशन की जिलाध्यक्ष रेखा भट्ट ने बताया कि सरस बाजार में 12 महिलाओं को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिला है। सभी विकासखंडों की 2500 महिलाएं इससे जुड़ी हुई हैं।
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कैफे संचालन का अनुभव महिलाओं के लिए नया है। महिलाएं काफी उत्साहित हैं। समूहों के माध्यम से काम कर रही महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से और बेहतर कर सकें, इसके प्रयास हो रहे हैं। वंदना, मुख्य विकास अधिकारी, पिथौरागढ़।