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पहाड़ी से गिरे पत्थर से बचने के प्रयास में खाई में गिरी महिला गंभीर रूप से घायल
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घायल महिला को डोली से गंगोलीहाट सीएचसी ले जाते युवक। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। राशन लेने जा रही चमलेख गांव की एक महिला पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों से बचने के प्रयास में खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गई। गांव तक सड़क नहीं होने से ग्रामीणों ने महिला को उपचार के लिए डोली से 10 किमी दूर गंगोलीहाट अस्पताल पहुंचाया।
गंगोलीहाट के चमलेख निवासी नीमा देवी बुधवार की सुबह राशन लेने के लिए गंगोलीहाट जा रही थी। इसी दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। जब वह पत्थरों से बचने के लिए भागी तो पहाड़ी और संकरे रास्ते से खाई में गिर गई। ग्रामीण घायल महिला को डोली से दस किमी दूर गंगोलीहाट अस्पताल लाए। सीएचसी में डॉ.असलम खान ने घायल महिला का उपचार किया। महिला के सिर, कमर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
गंगोलीहाट तहसील के चमलेख, गेठगाड़ा, धूंणा, कोलिया, गानुरा, गंतोला, सुरखालपाठक गांवों के लिए आज तक सड़क नहीं है। यहां की छह हजार की आबादी को गंगोलीहाट पहुंचने के लिए दस किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। गांव से बाजार, बैंक, अस्पताल, तहसील के काम या अन्य कार्यों के लिए गंगोलीहाट आने के लिए खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। विद्यार्थी भी इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। पहाड़ी का रास्ता बेहद खतरनाक है। ऊपर से हर समय पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। जबकि नीचे की ओर गहरी खाई है। इस खाई में गिरकर तीन छात्रों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा घास काटने के दौरान कई महिलाओं के साथ भी इस तरह हादसे हुए हैं। पैदल रास्ता खतरनाक होने के कारण यहां के ग्रामीण मड़कनाली-सुरखालपाठक सड़क की मांग पिछले लंबे समय से उठा रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब ग्रामीणों ने पांच जुलाई से आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है।
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गंगोलीहाट के चमलेख निवासी नीमा देवी बुधवार की सुबह राशन लेने के लिए गंगोलीहाट जा रही थी। इसी दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। जब वह पत्थरों से बचने के लिए भागी तो पहाड़ी और संकरे रास्ते से खाई में गिर गई। ग्रामीण घायल महिला को डोली से दस किमी दूर गंगोलीहाट अस्पताल लाए। सीएचसी में डॉ.असलम खान ने घायल महिला का उपचार किया। महिला के सिर, कमर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
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गंगोलीहाट तहसील के चमलेख, गेठगाड़ा, धूंणा, कोलिया, गानुरा, गंतोला, सुरखालपाठक गांवों के लिए आज तक सड़क नहीं है। यहां की छह हजार की आबादी को गंगोलीहाट पहुंचने के लिए दस किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। गांव से बाजार, बैंक, अस्पताल, तहसील के काम या अन्य कार्यों के लिए गंगोलीहाट आने के लिए खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। विद्यार्थी भी इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। पहाड़ी का रास्ता बेहद खतरनाक है। ऊपर से हर समय पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। जबकि नीचे की ओर गहरी खाई है। इस खाई में गिरकर तीन छात्रों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा घास काटने के दौरान कई महिलाओं के साथ भी इस तरह हादसे हुए हैं। पैदल रास्ता खतरनाक होने के कारण यहां के ग्रामीण मड़कनाली-सुरखालपाठक सड़क की मांग पिछले लंबे समय से उठा रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब ग्रामीणों ने पांच जुलाई से आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है।
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