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विलियम और एडवर्ड ने चुलकोट से मुनस्यारी तक भरी उड़ान
ब्यूरो, अमर उजाला पिथौरागढ़।
Updated Thu, 09 Nov 2017 10:59 PM IST
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चुलकोट की पहाड़ी से पैराग्लाइडर उड़ाता ब्रिटिश पायलट।
- फोटो : अमर उजाला
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ब्रिटिश पैराग्लाइडिंग पायलट जॉन विलियम और एडवर्ड ने आज चुलकोट की पहाड़ी से मुनस्यारी तक 20 किलोमीटर की हवाई दूरी को पैराग्लाइडर से तय कर दी। चुलकोट की पहाड़ी से पहली बार पैराग्लाइडिंग हुई है। चुलकोट की समुद्र सतह से ऊंचाई 3600 मीटर है। इतनी ऊंचाई तक पैराग्लाइडर पहुंचाने में पायलटों को काफी कठिनाई हुई। मुनस्यारी तथा आसपास के इलाकों में पैराग्लाइडिंग की संभावना टटोलने के लिए इन दिनों ब्रिटिश पायलट और स्थानीय पायलट सर्वे कर रहे हैं। अब तक करीब दस स्थानों से पैराग्लाइडिंग कर दी गई है। जॉन विलियम का कहना है कि अब तक इन इलाकों में पैराग्लाइडिंग क्यों नहीं की गई, यह समझ में नहीं आता।
उन्होंने कहा कि चुलकोट से पैराग्लाइडिंग करना ज्यादा सुरक्षित है। चुलकोट से मुनस्यारी तक आसानी से पैराग्लाइडर ले जाया सकता है। उनके साथ आए उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह ने कहा कि इस सर्वे का आने वाले समय में जरूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर से इसके लिए प्रयास करेंगे। मुनस्यारी के वीरेंद्र सिंह और बृजेश सिंह ने सर्वे में सहयोग दिया। ब्रिटिश पायलट अभी एक दो दिन तक आसपास की पहाड़ियों से पैराग्लाइडर उड़ाने का प्रयास करेंगे।
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उन्होंने कहा कि चुलकोट से पैराग्लाइडिंग करना ज्यादा सुरक्षित है। चुलकोट से मुनस्यारी तक आसानी से पैराग्लाइडर ले जाया सकता है। उनके साथ आए उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह ने कहा कि इस सर्वे का आने वाले समय में जरूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर से इसके लिए प्रयास करेंगे। मुनस्यारी के वीरेंद्र सिंह और बृजेश सिंह ने सर्वे में सहयोग दिया। ब्रिटिश पायलट अभी एक दो दिन तक आसपास की पहाड़ियों से पैराग्लाइडर उड़ाने का प्रयास करेंगे।
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