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Pithoragarh News: विस्थापन जल्द नहीं होने पर करेंगे आंदोलन
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धारचूला के आपदा प्रभावित एसडीएम से मुलाकात करते हुए। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। एलधारा, मल्ली बाजार, खोतिला के आपदा पीड़ितों ने अब तक उनका विस्थापन नहीं होने पर आक्रोश जताया। साथ ही विस्थापन शीघ्र नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के नेतृत्व में शुक्रवार को मल्ली बाजार, खोतिला, एलधारा के आपदा पीड़ितों ने एसडीएम दिवेश शाशनी से मुलाकात की। उन्होंने नगर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एलधारा, मल्ली बाजार में सुरक्षा संबंधी कार्य शीघ्र कराने, आपदा पीड़ितों को शीघ्र विस्थापित करने की मांग की।
पूर्व प्रमुख कुंवर ने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए चार से पांच महीने का ही समय है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को गंभीरता से कार्य करने चाहिए। मई से बारिश शुरू हो जाती है। यदि समय से सुरक्षा संबंधी कार्य नहीं हुए तो बरसात में फिर से आपदा का खतरा रहेगा। उन्होंने कहा कि वरुणावत पर्वत की तर्ज पर निर्माण के लिए कई संस्थानों की ओर से सर्वे रिपोर्ट बनाई जा रही है। तब तक सड़क निर्माण का कार्य कर रही हिलवेज कंपनी को एलधारा में चौड़ीकरण का कार्य कर भारी मात्रा में जमा मलबे को हटाना चाहिए।
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एसडीएम ने विस्थापन और आपदाग्रस्त क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्यों की जानकारी दी। लोगों ने कहा कि यदि विस्थापन की प्रक्रिया के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी कार्य नहीं किए गए तो वह आंदोलन करेंगे। इस दौरान ओपी वर्मा, श्याम चंद्र खर्कवाल, कमल कौशल, प्रकाश गुंज्याल, प्रद्युम्न गर्ब्याल, नदीम परवेज आदि मौजूद थे।संवाद
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के नेतृत्व में शुक्रवार को मल्ली बाजार, खोतिला, एलधारा के आपदा पीड़ितों ने एसडीएम दिवेश शाशनी से मुलाकात की। उन्होंने नगर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एलधारा, मल्ली बाजार में सुरक्षा संबंधी कार्य शीघ्र कराने, आपदा पीड़ितों को शीघ्र विस्थापित करने की मांग की।
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पूर्व प्रमुख कुंवर ने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए चार से पांच महीने का ही समय है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को गंभीरता से कार्य करने चाहिए। मई से बारिश शुरू हो जाती है। यदि समय से सुरक्षा संबंधी कार्य नहीं हुए तो बरसात में फिर से आपदा का खतरा रहेगा। उन्होंने कहा कि वरुणावत पर्वत की तर्ज पर निर्माण के लिए कई संस्थानों की ओर से सर्वे रिपोर्ट बनाई जा रही है। तब तक सड़क निर्माण का कार्य कर रही हिलवेज कंपनी को एलधारा में चौड़ीकरण का कार्य कर भारी मात्रा में जमा मलबे को हटाना चाहिए।
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एसडीएम ने विस्थापन और आपदाग्रस्त क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्यों की जानकारी दी। लोगों ने कहा कि यदि विस्थापन की प्रक्रिया के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी कार्य नहीं किए गए तो वह आंदोलन करेंगे। इस दौरान ओपी वर्मा, श्याम चंद्र खर्कवाल, कमल कौशल, प्रकाश गुंज्याल, प्रद्युम्न गर्ब्याल, नदीम परवेज आदि मौजूद थे।संवाद