फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   When basic facilities failed, migration gained momentum

Pithoragarh News: बुनियादी सुविधाओं ने तरसाया तो पलायन ने पकड़ी रफ्तार

Fri, 23 Feb 2024 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 23 Feb 2024 11:15 PM IST
विज्ञापन
When basic facilities failed, migration gained momentum
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले का 24 फरवरी को 64वां जन्मदिन है। नेपाल और चीन सीमा से सटे इस जिले के कई गांवों ने भले ही नगरों का रूप ले लिया हो लेकिन आज भी कई इलाकों में लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क सहित अन्य सुविधाओं के अभाव में पलायन से गांव खाली हो गए हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार तक के लिए शहरों की खाक छानना लोगों की नियति बनी हुई है। 24 फरवरी 1960 को अल्मोड़ा से अलग कर पिथौरागढ़ जिले का गठन हुआ था। जीवन चंद्र पांडेय जिले के पहले डीएम थे।
विज्ञापन

पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पिथौरागढ़ जिले के गांवों से 41 फीसदी से अधिक आबादी पलायन कर चुकी है। गांव छोड़ने वाले परिवार कस्बों या फिर नगरों में बस गए। हाल ही में जल जीवन मिशन योजना के तहत गांवों को पेयजल पहुंचाने के लिए सर्वे किया गया था। रिपोर्ट में 58 गांवों के गैर आबाद होने की पुष्टि हुई थी। वर्ष 2019 में पिथौरागढ़ में 1600 गांव आबाद थे। पलायन के कारण जिले में आबाद गांवों की संख्या घटकर 1542 पहुंच गई है। इसकी वजह पलायन कर चुके लोगों का वापस घर नहीं आना है। जिले में बेड़ीनाग विकासखंड के 41 और गंगोलीहाट के 17 गांव आबादी विहीन हो गए हैं।
विज्ञापन

शिक्षकों की कमी से जूझ रहे सरकारी स्कूल

जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का अभाव है। इस कारण जिन स्कूलों में कभी छात्र संख्या 800 से 1200 होती थी वहां 100 से 150 छात्र संख्या रह गई है। पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस बना दिया है, लेकिन अभी तक प्राध्यापकों की तैनाती नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इलाज के लिए जिला अस्पताल पर निर्भरता
जनता आज भी इलाज के लिए जिला अस्पताल पर ही निर्भर है। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ का पद सात वर्षों से खाली है। जिले के ब्लॉक या तहसील मुख्यालयों में खोले गए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। ज्यादातर मामलों में मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। कुछ समय पूर्व सरकार ने बेस अस्पताल के संचालन के लिए पदों के प्रस्ताव स्वीकृति दे दी है, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हो पाई है। संवाद
ये दिक्कतें भी हैं

- पिथौरागढ़, डीडीहाट, बेड़ीनाग में करोड़ों खर्च करने के बाद भी लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है।

- जिले की अधिकतर सड़कें बदहाल हैं। लोगों को जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ता है। नगर की सड़कें कभी गड्ढा मुक्त नहीं हो पाती हैं।
- नवगठित तहसीलों में एसडीएम तो दूर नायब तहसीलदार तक तैनात नहीं हैं। अधिकतर तहसील प्रभारियों के भरोसे चल हो रही हैं।

- जिले में इस समय पंजीकृत वाहनों की संख्या 60 हजार से अधिक पहुंच चुकी है। वाहनों को पार्क करने के लिए नगरों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
- जंगली जानवरों से किसान त्रस्त हैं लेकिन किसानों को राहत देने के लिए अब तक ठोस नीति नहीं बन सकी है।

- जिला पर्यटन की दृष्टि से बेहद उपयुक्त है लेकिन मुनस्यारी, चौकोड़ी के अलावा पर्यटकों की पहुंच के कोई ठोस प्रयास नहीं हुए।
एक नजर में पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ जिले का गठन 24 फरवरी 1960

क्षेत्रफल 7090 वर्ग किमी
जनसंख्या- 483440, महिलाएं-244133, पुरुष- 239306

साक्षरता दर- 82.2, महिला साक्षरता- 72.3, पुरुष साक्षरता- 92.7
तहसील-12, उपतहसील- एक, ब्लॉक- आठ, विधानसभा- चार, गांवों की संख्या-1600,

प्रमुख पर्यटन स्थल- छोटा कैलाश, ओम पर्वत, बेड़ीनाग, चौकोड़ी, डीडीहाट, मुनस्यारी, धारचूला, थलकेदार, चंडाक, ध्वज, राष्ट्रीय उद्यान- अस्कोट वन्यजीव विहार।
नोट- आंकड़े वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार

अपनी-अपनी बात
जिले के जन्मदिन पर सभी को शुभकामना। जिले में काफी विकास हुआ है, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है। लगातार हो रहा पलायन भी चिंता का विषय है। - मयूख महर, विधायक पिथौरागढ़
आने वाले समय पिथौरागढ़ जिले का है। सरकार ने सीमांत के लोगों के लिए हवाई सेवा शुरू कर दी है। जिससे आम लोगों का जीवन स्तर सुधरा है। हवाई सेवा शुरू होने से धार्मिक और साहसिक पर्यटन बढ़ेगा। - गिरीश जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष
कोट-
लगातार पिथौरागढ़ जिला विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। जिले ने शिक्षा, पर्यटन और खेल के नाम पर विशेष पहचान बनाई है। आगे भी जिले के विकास के लिए प्रभावी योजनाएं बनाई जाएंगी। - रीना जोशी, डीएम पिथौरागढ़


कोट-
जिले की वर्षगांठ की सभी को बधाई और शुभकामना। पिथौरागढ़ जिले में बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिथौरागढ़ लगातार आगे बढ़ रहा है। -लोकेश्वर सिंह, एसपी पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed