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Pithoragarh News: बेस अस्पताल में वार्ड कर दिए तैयार पर भर्ती नहीं कर रहे बीमार
Sun, 12 Oct 2025 10:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 12 Oct 2025 10:00 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के दावे कर 65 करोड़ रुपये से खोला गया बेस अस्पताल जिले के लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। संचालन के दो साल बाद भी यहां मरीजों को भर्ती करने की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। वार्ड तो तैयार कर दिए गए लेकिन विशेषज्ञों की तैनाती के साथ ही अन्य जरूरी सुविधाओं को जुटाया नहीं जा सका है।
मरीजों की संख्या बढ़ने पर जिला अस्पताल में मरीजों को बरामदे में बेड लगाकर भर्ती कर इलाज कराना पड़ रहा है जबकि बेस अस्पताल के वार्ड खाली हैं। जिला अस्पताल में 120 बेड के सापेक्ष 150 मरीज भर्ती हैं। बेस अस्पताल में मरीजों का इंतजार कर रहे खाली वार्ड पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे हैं। करोड़ों के बेस अस्पताल में मरीजों को भर्ती न करने के प्रमुख कारणों पर संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट...।
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विशेषज्ञों नहीं हुए तैनात को मरीजों को भर्ती करने से पीछे खींचे हाथ
बेस अस्पताल का संचालन मेडिकल कॉलेज के अधीन हो रहा है। यहां विशेषज्ञों के 76 पदों पर तैनाती होनी है। इसमें फिजिशियन, हड्डी रोग, महिला, बाल रोग और ईएनटी सर्जन प्रमुख हैं। दो साल में सिर्फ हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो सकी है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक यदि मरीजों को यहां भर्ती किया गया तो इनके इलाज में विशेषज्ञों की जरूरत होगी लेकिन विशेषज्ञ तैनात न होने से यहां मरीजों को भर्ती करने से हाथ पीछे खींचने पड़ते हैं। यहां तैनात 20 सामान्य चिकित्सक ही मरीजों का प्राथमिक इलाज कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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ओटी तैयार नहीं
बेस अस्पताल के संचालन में जल्दबाजी तो दिखाई गई लेकिन अब तक यहां ऑपरेशन थिएटर तैयार नहीं हुआ है। बगैर ओटी के ही बेस अस्पताल संचालित हो रहा है। यदि विशेषज्ञ तैनात भी हुए तो वे मरीज का ऑपरेशन कहां करेंगे, इस पर ध्यान नहीं दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक यहां मरीजों को भर्ती करने के लिए ऑपरेशन थिएटर के साथ ही विशेषज्ञों की तैनाती जरूरी है।
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मरीजों-तीमारदारों के लिए भोजन व्यवस्था का इंतजाम भी नहीं
नगर से डेढ़ किलोमीटर दूर संचालित बेस अस्पताल में अब तक मरीजों और तीमारदारों के भोजन की व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां से मरीज और तीमारदार को भोजन के लिए नगर तक जाना पड़ेगा। इस मूलभूत सुविधा के अभाव में भी बेस अस्पताल में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सकता।
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जांच की सुविधा नहीं
यदि कोई गंभीर मरीज बेस अस्पताल में इलाज कराने पहुंचा और उसे जांच की जरूरत पड़ी तो इसके भी यहां इंतजाम नहीं हैं। न तो यहां एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा है और न पैथोलॉजी लैब की। अब तक अस्पताल की अपनी पैथ लैब अस्तित्व में नहीं आ सकी है।
कोट
बेस अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए आवश्यक सुविधाओं की फिलहाल कमी है। यहां सुविधाओं के विस्तार की प्रक्रिया गतिमान है। विशेषज्ञों की तैनाती के भी प्रयास हो रहे हैं। जल्द ही यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। - डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़
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मरीजों की संख्या बढ़ने पर जिला अस्पताल में मरीजों को बरामदे में बेड लगाकर भर्ती कर इलाज कराना पड़ रहा है जबकि बेस अस्पताल के वार्ड खाली हैं। जिला अस्पताल में 120 बेड के सापेक्ष 150 मरीज भर्ती हैं। बेस अस्पताल में मरीजों का इंतजार कर रहे खाली वार्ड पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे हैं। करोड़ों के बेस अस्पताल में मरीजों को भर्ती न करने के प्रमुख कारणों पर संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट...।
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विशेषज्ञों नहीं हुए तैनात को मरीजों को भर्ती करने से पीछे खींचे हाथ
बेस अस्पताल का संचालन मेडिकल कॉलेज के अधीन हो रहा है। यहां विशेषज्ञों के 76 पदों पर तैनाती होनी है। इसमें फिजिशियन, हड्डी रोग, महिला, बाल रोग और ईएनटी सर्जन प्रमुख हैं। दो साल में सिर्फ हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो सकी है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक यदि मरीजों को यहां भर्ती किया गया तो इनके इलाज में विशेषज्ञों की जरूरत होगी लेकिन विशेषज्ञ तैनात न होने से यहां मरीजों को भर्ती करने से हाथ पीछे खींचने पड़ते हैं। यहां तैनात 20 सामान्य चिकित्सक ही मरीजों का प्राथमिक इलाज कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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ओटी तैयार नहीं
बेस अस्पताल के संचालन में जल्दबाजी तो दिखाई गई लेकिन अब तक यहां ऑपरेशन थिएटर तैयार नहीं हुआ है। बगैर ओटी के ही बेस अस्पताल संचालित हो रहा है। यदि विशेषज्ञ तैनात भी हुए तो वे मरीज का ऑपरेशन कहां करेंगे, इस पर ध्यान नहीं दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक यहां मरीजों को भर्ती करने के लिए ऑपरेशन थिएटर के साथ ही विशेषज्ञों की तैनाती जरूरी है।
मरीजों-तीमारदारों के लिए भोजन व्यवस्था का इंतजाम भी नहीं
नगर से डेढ़ किलोमीटर दूर संचालित बेस अस्पताल में अब तक मरीजों और तीमारदारों के भोजन की व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां से मरीज और तीमारदार को भोजन के लिए नगर तक जाना पड़ेगा। इस मूलभूत सुविधा के अभाव में भी बेस अस्पताल में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सकता।
जांच की सुविधा नहीं
यदि कोई गंभीर मरीज बेस अस्पताल में इलाज कराने पहुंचा और उसे जांच की जरूरत पड़ी तो इसके भी यहां इंतजाम नहीं हैं। न तो यहां एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा है और न पैथोलॉजी लैब की। अब तक अस्पताल की अपनी पैथ लैब अस्तित्व में नहीं आ सकी है।
कोट
बेस अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए आवश्यक सुविधाओं की फिलहाल कमी है। यहां सुविधाओं के विस्तार की प्रक्रिया गतिमान है। विशेषज्ञों की तैनाती के भी प्रयास हो रहे हैं। जल्द ही यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। - डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़