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कंफर्म टिकट की आस में लंबी हुई वेटिंग लिस्ट
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पिथौरागढ़ (दीपक कापड़ी)। चुनाव नजदीक आते ही सत्ता की गाड़ी में सवार होने के लिए विधायकी का ख्वाब देखने वालों की संख्या बढ़ गई है। भाजपा से पिथौरागढ़, गंगोलीहाट और धारचूला सीट में टिकट के लिए अंदरखाने घमासान मचा हुआ है। डीडीहाट विधानसभा से भाजपा को ज्यादा उलझन नहीं है, जबकि कांग्रेस गंगोलीहाट और डीडीहाट विधानसभा में टिकट बंटवारे में उलझी है। हर दावेदार कंफर्म टिकट की आस में हाईकमान की ओर टकटकटी लगाए बैठा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि हाईकमान की ओर से किस कंफर्म टिकट मिलेगा और किसे अगले चुनाव तक की वेटिंग।
राज्य बनने के बाद पिथौरागढ़ विधानसभा तीन बार भाजपा और एक बार कांग्रेस के कब्जे में रही। वर्ष 2002 और 2007 में इस सीट से पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व प्रकाश पंत विधायक रहे। वर्ष 2012 में इस सीट से कांग्रेस नेता मयूख महर ने जीत दर्ज कर कांग्रेस के सूखे को खत्म किया लेकिन वर्ष 2017 की मोदी लहर में इस सीट से फिर भाजपा के प्रकाश पंत विधायक बने। 2019 में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के असामयिक निधन के बाद इस सीट पर हुए उप चुनाव में प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत ने कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को हराया। वर्ष 2022 विधानसभा चुनावों का बिगुल बजने से पहले ही भाजपा में इस सीट से टिकट के लिए अंदर खाने घमासान मचा हुआ है।
गंगोलीहाट विधानसभा से भी टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा में भीतरखाने जंग छिड़ी हुई है। वर्ष 2002 और 2012 में यहां से कांग्रेस के नारायण राम आर्या विधायक बने। 2007 में भाजपा के जोगाराम टम्टा और 2017 में भाजपा की मीना गंगोला विधायक बनीं। 2022 में विधानसभा में टिकट पाने के लिए इस सीट से भाजपा के लिए घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस से भी गंगोलीहाट विधानसभा से टिकट पाने के लिए सभी जद्दोजहद में लगे हैं अब इंतजार कांग्रेस हाईकमान से सूची आने का है।
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अब तक धारचूला में नहीं लहराया भगवा
धारचूला विधानसभा सीट में कांग्रेस के भीतर कोई अंतर्कलह नहीं है जबकि भाजपा से इस सीट पर एक से अधिक दावेदार हैं। इस सीट पर भाजपा अब तक जीत दर्ज नहीं कर सकी है। वर्ष 2002 और 2007 में इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार गगन सिंह रजवार विधायक चुने गए थे। 2012 में कांग्रेस के हरीश धामी विधायक बने। वर्ष 2014 में हुए उप चुनाव में उन्होंने पूर्व सीएम हरीश रावत के लिए ये सीट छोड़ दी। 2014 में हरीश रावत इस सीट से जीतकर सीएम बने। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से फिर हरीश धामी विधायक बने।
डीडीहाट से पूर्व सीएम हरीश रावत के चुनाव लड़ने की चर्चाएं
पिथौरागढ़। डीडीहाट विधानसभा से पूर्व सीएम हरीश रावत के चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज हैं। इस सीट से कांग्रेस के सभी संभावित दावेदार हरीश रावत से चुनाव लड़ने के लिए प्रस्ताव पारित कर चुके हैं। वहीं इस सीट से विधायक बिशन सिंह चुफाल भी जनता के बीच जाकर लोगों से वोट की अपील कर रहे हैं।
भाजपा के दावेदार
पिथौरागढ़ : विधायक चंद्रा पंत, भाजपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र वल्दिया, पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, जिपं अध्यक्ष दीपिका बोहरा, पूर्व केएमवीएन अध्यक्ष केदार जोशी।
गंगोलीहाट : मीना गंगोला, फकीर राम टम्टा, गीता ठाकुर, भुवन चंद्र, दर्पण कुमार, दिनेश आर्या।
धारचूला : स्वामी विरेंद्रानंद, ब्लाक प्रमुख धन सिंह धामी, कैलाश पांगती।
डीडीहाट : कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, पूर्व अध्यक्ष श्रम सलाहकार बोर्ड शमशेर सत्याल।
कांग्रेस के दावेदार
पिथौरागढ़ : मयूख महर, अंजू लुंठी।
डीडीहाट : प्रदीप पाल, रमेश कापड़ी, दामोदर भट्ट, रेवती जोशी, मनोज ओझा, पूर्व ब्लाक प्रमुख कनालीछीना प्रशांत भंडारी, खीमराज जोशी, हिमांशु ओझा।
गंगोलीहाट : पूर्व विधायक नारायण राम, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री खजान गुड्डू, मनोज कुमार सानी, जगदीश कुमार, भीम कुमार।
धारचूला : विधायक हरीश धामी।
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राज्य बनने के बाद पिथौरागढ़ विधानसभा तीन बार भाजपा और एक बार कांग्रेस के कब्जे में रही। वर्ष 2002 और 2007 में इस सीट से पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व प्रकाश पंत विधायक रहे। वर्ष 2012 में इस सीट से कांग्रेस नेता मयूख महर ने जीत दर्ज कर कांग्रेस के सूखे को खत्म किया लेकिन वर्ष 2017 की मोदी लहर में इस सीट से फिर भाजपा के प्रकाश पंत विधायक बने। 2019 में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के असामयिक निधन के बाद इस सीट पर हुए उप चुनाव में प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत ने कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को हराया। वर्ष 2022 विधानसभा चुनावों का बिगुल बजने से पहले ही भाजपा में इस सीट से टिकट के लिए अंदर खाने घमासान मचा हुआ है।
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गंगोलीहाट विधानसभा से भी टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा में भीतरखाने जंग छिड़ी हुई है। वर्ष 2002 और 2012 में यहां से कांग्रेस के नारायण राम आर्या विधायक बने। 2007 में भाजपा के जोगाराम टम्टा और 2017 में भाजपा की मीना गंगोला विधायक बनीं। 2022 में विधानसभा में टिकट पाने के लिए इस सीट से भाजपा के लिए घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस से भी गंगोलीहाट विधानसभा से टिकट पाने के लिए सभी जद्दोजहद में लगे हैं अब इंतजार कांग्रेस हाईकमान से सूची आने का है।
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अब तक धारचूला में नहीं लहराया भगवा
धारचूला विधानसभा सीट में कांग्रेस के भीतर कोई अंतर्कलह नहीं है जबकि भाजपा से इस सीट पर एक से अधिक दावेदार हैं। इस सीट पर भाजपा अब तक जीत दर्ज नहीं कर सकी है। वर्ष 2002 और 2007 में इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार गगन सिंह रजवार विधायक चुने गए थे। 2012 में कांग्रेस के हरीश धामी विधायक बने। वर्ष 2014 में हुए उप चुनाव में उन्होंने पूर्व सीएम हरीश रावत के लिए ये सीट छोड़ दी। 2014 में हरीश रावत इस सीट से जीतकर सीएम बने। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से फिर हरीश धामी विधायक बने।
डीडीहाट से पूर्व सीएम हरीश रावत के चुनाव लड़ने की चर्चाएं
पिथौरागढ़। डीडीहाट विधानसभा से पूर्व सीएम हरीश रावत के चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज हैं। इस सीट से कांग्रेस के सभी संभावित दावेदार हरीश रावत से चुनाव लड़ने के लिए प्रस्ताव पारित कर चुके हैं। वहीं इस सीट से विधायक बिशन सिंह चुफाल भी जनता के बीच जाकर लोगों से वोट की अपील कर रहे हैं।
भाजपा के दावेदार
पिथौरागढ़ : विधायक चंद्रा पंत, भाजपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र वल्दिया, पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, जिपं अध्यक्ष दीपिका बोहरा, पूर्व केएमवीएन अध्यक्ष केदार जोशी।
गंगोलीहाट : मीना गंगोला, फकीर राम टम्टा, गीता ठाकुर, भुवन चंद्र, दर्पण कुमार, दिनेश आर्या।
धारचूला : स्वामी विरेंद्रानंद, ब्लाक प्रमुख धन सिंह धामी, कैलाश पांगती।
डीडीहाट : कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, पूर्व अध्यक्ष श्रम सलाहकार बोर्ड शमशेर सत्याल।
कांग्रेस के दावेदार
पिथौरागढ़ : मयूख महर, अंजू लुंठी।
डीडीहाट : प्रदीप पाल, रमेश कापड़ी, दामोदर भट्ट, रेवती जोशी, मनोज ओझा, पूर्व ब्लाक प्रमुख कनालीछीना प्रशांत भंडारी, खीमराज जोशी, हिमांशु ओझा।
गंगोलीहाट : पूर्व विधायक नारायण राम, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री खजान गुड्डू, मनोज कुमार सानी, जगदीश कुमार, भीम कुमार।
धारचूला : विधायक हरीश धामी।