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ग्रामीणों ने पेड़ों की गिनती का काम रुकवाया

Wed, 03 Jan 2018 10:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट Updated Wed, 03 Jan 2018 10:33 PM IST
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Villagers stopped the counting of trees
डूब क्षेत्र में पेड़ों की गणना का विरोध करते कानड़ी गांव के लोग - फोटो : अमर उजाला

पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे पेड़ों की गिनती के लिए पहुंची वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने पेड़ों की गिनती का काम रुकवा दिया। उनका कहना है कि पंचेश्वर बांध के लिए पूर्व में हुई जनसुनवाई को गांव के लोग अमान्य कर चुके हैं। जब तक दोबारा जनसुनवाई नहीं हो जाती तब तक किसी प्रकार का सर्वे, पेड़ों, जमीन का आकलन नहीं होने दिया जाएगा।

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बुधवार की सुबह जैसे की कुछ मजदूर कानड़ी गांव में पेड़ों की गिनती के लिए पहुंचे तो लोग भड़क गए। लोगों का कहना है कि प्रशासन बांध के मामले में हर काम को जबर्दस्ती करने पर तुला है। लोगों का कहना है कि पेड़ों की गिनती नहीं होने दी जाएगी। इन पेड़ों की देखरेख ग्रामीणों ने की है। इनको काटने का हक किसी को नहीं है। बताया गया कि वन विभाग और राजस्व विभाग ने मजदूरों की टीम को पेड़ों की गिनती के लिए लगाया था और कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं था। वन और राजस्व विभाग को पेड़ों की गिनती कर 15 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपनी है।
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गांव के लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना के प्रति लापरवाही करना उचित नहीं है। जिम्मेदार अधिकारियों का मौके पर न आना गंभीर मामला है। विरोध करने वालों में जानकी कापड़ी, लक्ष्मण चंद, अंजली कुमारी, भूपेंद्र चंद, मदन मोहन भट्ट, शकुंतला भट्ट, मीना भट्ट, मुरली मनोहर आदि लोग थे। इधर, विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद जिला मुख्यालय से वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र जोशी कानड़ी गांव को रवाना हो गए हैं। जोशी ने बताया कि गांव के लोग पेड़ों की गिनती का विरोध कर रहे हैं। 
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वाप्कोस कंपनी का विरोध किया
पिथौरागढ़। महाकाली की आवाज संगठन ने वाप्कोस की ओर से तैयार पर्यावरण आकलन रिपोर्ट को गलत करार दिया है और मांग की है कि इस कंपनी के बजाए किसी दूसरी एजेंसी को काम सौंपा जाए। महाकाली की आवाज संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत ने कहा है कि वाप्कोस कंपनी के अधिकारी जिले में मौजूद नहीं रहते। इस कंपनी के गैर जिम्मेदार रवैये से हजारों की आबादी का भविष्य संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि वाप्कोस का अब हर स्तर पर विरोध होगा।

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