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Pithoragarh News: कोठेरा में लगातार तेंदुए की धमक से ग्रामीण दहशत में
Sat, 04 Nov 2023 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 04 Nov 2023 11:06 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। कोठेरा गांव में तेंदुए के हमले में मासूम की मौत के छह दिन बाद भी वन विभाग की टीम तेंदुए को पिंजरे में कैद करने में कामयाब नहीं हो पाई है। तेंदुए की लगातार धमक से ग्रामीण दहशत में हैं।
तेंदुए ने कोठेरा गांव में बीते दिनों छोटे बच्चे पर हमला कर मौत के घाट उतारा दिया। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया लेकिन अभी तक वह पकड़ा नहीं गया है। तेंदुए के हमले के बाद भय के चलते कोठेरा, जरमाल गांव, भंडारी गांव, रणकोट, सिमलकोट के ग्रामीण सुबह देर से घरों के दरवाजे खोल रहे हैं। ग्रामीण शाम होते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
महिलाएं मवेशियों के चारा लाने को जंगल नहीं जा रही हैं। ग्रामीण अपना कार्य छोड़ दिन में समूह बनाकर रह रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश प्रसाद ने बताया कि तेंदुए के डर से दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। गिरीश कोठारी, अभिषेक और सुनील ने बताया कि वह लोग दिनभर काम कर शाम होने से पहले ही उजाले में घर को दौड़ लगा रहे हैं। रेंजर मनोज सनवाल का कहना है तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया गया है और दो टीम लगातार गश्त कर रही हैं।
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तेंदुए ने कोठेरा गांव में बीते दिनों छोटे बच्चे पर हमला कर मौत के घाट उतारा दिया। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया लेकिन अभी तक वह पकड़ा नहीं गया है। तेंदुए के हमले के बाद भय के चलते कोठेरा, जरमाल गांव, भंडारी गांव, रणकोट, सिमलकोट के ग्रामीण सुबह देर से घरों के दरवाजे खोल रहे हैं। ग्रामीण शाम होते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
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महिलाएं मवेशियों के चारा लाने को जंगल नहीं जा रही हैं। ग्रामीण अपना कार्य छोड़ दिन में समूह बनाकर रह रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश प्रसाद ने बताया कि तेंदुए के डर से दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। गिरीश कोठारी, अभिषेक और सुनील ने बताया कि वह लोग दिनभर काम कर शाम होने से पहले ही उजाले में घर को दौड़ लगा रहे हैं। रेंजर मनोज सनवाल का कहना है तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया गया है और दो टीम लगातार गश्त कर रही हैं।
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