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आपदा में फंसे वाहनों में दस लाख की सब्जी सड़ी
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Vegetables worth one million rotted in the vehicles trapped in the disaster
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में सब्जी के वाहन आने के बाद टमाटर के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सब्जी व्यापारियों ने बताया कि आठ दिन बाद पहुंचे एक दर्जन से अधिक सब्जी के वाहनों में करीब 10 लाख से अधिक की सब्जी खराब हो चुकी थी। सिर्फ आलू ही कुछ ठीक था। उन्होंने टमाटर और प्याज का भावों के कुछ दिन तक बढ़े रहने की आशंका जताई है।
नगर में सब्जी की दुकानों में टमाटर का अलग-अलग भाव लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है। बाजार में टमाटर कहीं 80 तो कहीं 100 और कहीं-कहीं तो 120 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है। 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा प्याज भी लोगों के आंसू निकाल रहा है। लगातार बढ़ते दामों को देखते हुए ग्राहकों ने भी टमाटर लेना कम कर दिया है। व्यापारी दुकानों में पहले से काफी कम मात्रा में टमाटर रख रहे हैं। कहते हैं कि महंगी सब्जी लेने के बाद बिकी नहीं तो घर कैसे चलाएंगे। रेस्टोरेंट स्वामी ने बताया कि जो प्याज का कट्टा वे 700 रुपये में लेते थे। उसे 1400 में लेना पड़ा। टमाटर नहीं मिलने के चलते उन्हें टमाटर की प्यूरी का इस्तेमाल करना पड़ा था।
बढ़ते दामों को देखते हुए टमाटर खाना ही छोड़ दिया है। जब तक टमाटर के दाम 50 रुपये तक नहीं पहुंचेंगे, टमाटर नहीं खाएंगे।
ऐसी बढ़ती महंगाई में चाहकर भी टमाटर नहीं ले सकते हैं। - बहादुर सिंह बोहरा, व्यापारी
तेल, दाल, सब्जी के लिए 100 से 200 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। रसोई गैस सिलिंडर भी महंगी है। लोगों को पोषण युक्त भोजन नहीं मिलेगा तो उन्हें पोषक तत्वों की कमी से जूझना पड़ेगा। -डॉ. तारा सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता
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नगर में सब्जी की दुकानों में टमाटर का अलग-अलग भाव लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है। बाजार में टमाटर कहीं 80 तो कहीं 100 और कहीं-कहीं तो 120 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है। 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा प्याज भी लोगों के आंसू निकाल रहा है। लगातार बढ़ते दामों को देखते हुए ग्राहकों ने भी टमाटर लेना कम कर दिया है। व्यापारी दुकानों में पहले से काफी कम मात्रा में टमाटर रख रहे हैं। कहते हैं कि महंगी सब्जी लेने के बाद बिकी नहीं तो घर कैसे चलाएंगे। रेस्टोरेंट स्वामी ने बताया कि जो प्याज का कट्टा वे 700 रुपये में लेते थे। उसे 1400 में लेना पड़ा। टमाटर नहीं मिलने के चलते उन्हें टमाटर की प्यूरी का इस्तेमाल करना पड़ा था।
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बढ़ते दामों को देखते हुए टमाटर खाना ही छोड़ दिया है। जब तक टमाटर के दाम 50 रुपये तक नहीं पहुंचेंगे, टमाटर नहीं खाएंगे।
ऐसी बढ़ती महंगाई में चाहकर भी टमाटर नहीं ले सकते हैं। - बहादुर सिंह बोहरा, व्यापारी
तेल, दाल, सब्जी के लिए 100 से 200 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। रसोई गैस सिलिंडर भी महंगी है। लोगों को पोषण युक्त भोजन नहीं मिलेगा तो उन्हें पोषक तत्वों की कमी से जूझना पड़ेगा। -डॉ. तारा सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता
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