ब्रिटेन के पायलटों ने नगर के आसपास पैराग्लाइडिंग की
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मुनस्यारी और मदकोट में पैराग्लाइडिंग करने के बाद ब्रिटेन के पैराग्लाइडिंग पायलट शुक्रवार को पिथौरागढ़ पहुंच गए। ब्रिटेन के जॉन विलियम, एडवर्ड और ब्रेमी हुडहेट ने शुक्रवार को सिरकुच, असुरचूला, चंडाक, नाघर की पहाड़ियों से पैराग्लाइडिंग से उड़ान भरी। इन तीनों ने करीब 25 किलोमीटर का सफर पैराग्लाइडर से पूरा किया। उनके साथ उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह और मनोज ओली ने भी उड़ान भरी। शंकर सिंह ने बताया कि मार्च में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के लिए स्थानों का चयन भी किया जा रहा है।
बताया गया कि जॉन विलियम ने 1990 में पैराग्लाइडर से हिमालय को पार किया था। वह तब धारचूला पहुंचे थे। इस जाने-माने पैराग्लाइडिंग पायलट ने पहली बार पिथौरागढ़ पहुंचने पर कहा कि ऐसी सुरम्य घाटी अन्यत्र देखने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ में पैराग्लाइडिंग की काफी संभावनाएं हैं, इसे विकसित करने की जरूरत है।
इन लोगों ने सुबह नौ बजे से उड़ान शुरू की और अपरान्ह तीन बजे तक हवा में गोते लगाते रहे। पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह ने बताया कि इस समय उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर 20 पैराग्लाइडिंग पायलट उड़ान भर रहे हैं। आने वाले समय में पैराग्लाइडिंग के माध्यम से पर्यटन गतिविधियों को और बढ़ाया जा सकता है।