सीमा पर पाकिस्तानी गोलाबारी में उत्तराखंड के दो जवान शहीद और दो हुए घायल
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला के उड़ी और रामपुर सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने रजमान माह के पहले शुक्रवार को संघर्ष विराम का उल्लंघन कर सेना की अग्रिम चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर भीषण गोलाबारी की। इसमें कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले के दो लाल शहीद हो गए।
दो जवानों की शहादत से प्रदेशभर में शोक की लहर है। इस गोलाबारी में पिथौरागढ़ निवासी नायक प्रदीप कुमार और बागेश्वर जिला निवासी नारायण सिंह के घायल होने की सूचना है।
21 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात गंगोलीहाट ब्लॉक के नाली गांव निवासी नायक शंकर सिंह (31) और मुनस्यारी ब्लॉक के नापड़ गांव निवासी गोकर्ण सिंह (41) पुत्र गंगा सिंह शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में शहीद हो गए। शहीद शंकर सिंह की पत्नी इंद्रा के दादा सुगड़ी निवासी देव सिंह भी वर्ष 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए थे।
शहादत की खबर सुनने के बाद से परिजन बदहवास
शहीद शंकर सिंह के माता-पिता, पत्नी और छह साल का बेटा नाली गांव में रहते हैं। शंकर की शहादत की खबर सुनने के बाद से परिजन बदहवास हैं। शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने शंकर सिंह के घर जाकर माता-पिता और पत्नी को सांत्वना दी।
वहीं, शहीद गोकर्ण सिंह का परिवार वर्तमान में बरेली कैंट बंगला नंबर 26 में रहता है। गोकर्ण सिंह के शहीद होने की सूचना के बाद बरेली से उनकी पत्नी और दो बच्चों को गांव लाया जा रहा है। उनके देर रात तक यहां पहुंचने की संभावना है। गोकर्ण सिंह के शहीद होने की सूचना के बाद से नापड़ गांव सहित पूरे तल्ला जोहार क्षेत्र में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाए जाएंगे। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहीदों के परिजनों को हर संभव मदद की जायेगी
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद गोकर्ण सिंह और नायक शंकर सिंह की शहादत को नमन किया है। कहा है कि एक ओर हमें अपने जवानों की शहादत पर गर्व है वहीं उन्हें खोने का दुख भी है।
ईश्वर उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करें। राज्य सरकार द्वारा शहीदों के परिजनों को हर संभव मदद की जायेगी।