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ढाई साल बाद फिर रोशन हुआ गलाती
ब्यूरो/अमर उजाला,धारचूला /पिथौरागढ़
Updated Wed, 10 Feb 2016 10:30 PM IST
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जून 2013 में आई आपदा के बाद गलाती क्षेत्र के लोगों को बुधवार को रोशनी मिल गई। गलाती को धारचूला के हाट स्थित 33 केवी के सब स्टेशन से जोड़ा गया। गांव में पूरे ढाई साल बाद बिजली आने से लोगों में खुशी की लहर है। बिजली आने से क्षेत्र की चार हजार आबादी को लाभ मिलने लगा है।
गलाती क्षेत्र को पहले कंज्योति लघु जल विद्युत निगम के पावरहाउस से बिजली दी जाती थी। 2013 की आपदा के समय यह पावरहाउस बह गया और गलाती क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। गलाती को बिजली की सुविधा देने की मांग को लेकर कई बार आंदोलन हुए। आंदोलन का नेतृत्व करने वाले भाजपा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी जगत मर्तोलिया का कहना है कि कांग्रेस ने कई बार बिजली की लाइन में रोड़ा डालने का काम किया। गलाती के लोग बिजली के लिए कई बार उग्र आंदोलन भी कर चुके थे। उन्होंने सरकार पर दबाव बनाने के लिए गलाती से धारचूला को होने वाली पानी की सप्लाई तक रोक दी थी। गलाती संघर्ष समिति के राम सिंह गंडी, पूरन धामी, त्रिलोक सिंह गंडी, गौर सिंह टाकुली, हीरा सिंह, शेर सिंह धामी, विजय धामी, जगदीश धामी आदि का कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद ही गलाती क्षेत्र को बिजली मिल पाई है।
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गलाती क्षेत्र को पहले कंज्योति लघु जल विद्युत निगम के पावरहाउस से बिजली दी जाती थी। 2013 की आपदा के समय यह पावरहाउस बह गया और गलाती क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। गलाती को बिजली की सुविधा देने की मांग को लेकर कई बार आंदोलन हुए। आंदोलन का नेतृत्व करने वाले भाजपा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी जगत मर्तोलिया का कहना है कि कांग्रेस ने कई बार बिजली की लाइन में रोड़ा डालने का काम किया। गलाती के लोग बिजली के लिए कई बार उग्र आंदोलन भी कर चुके थे। उन्होंने सरकार पर दबाव बनाने के लिए गलाती से धारचूला को होने वाली पानी की सप्लाई तक रोक दी थी। गलाती संघर्ष समिति के राम सिंह गंडी, पूरन धामी, त्रिलोक सिंह गंडी, गौर सिंह टाकुली, हीरा सिंह, शेर सिंह धामी, विजय धामी, जगदीश धामी आदि का कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद ही गलाती क्षेत्र को बिजली मिल पाई है।
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