{"_id":"5a4e5d204f1c1b0a788b698c","slug":"twice-the-damaged-house-made-incorrect-report","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षतिग्रस्त मकान की दो बार गलत रिपोर्ट बना दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षतिग्रस्त मकान की दो बार गलत रिपोर्ट बना दी
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
मुआवजे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे पीड़ित गिरीश चंद्र भट्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवलथल तहसील के अंतर्गत छांचर गांव में 14 अगस्त 2017 को आई आपदा में गिरीश चंद्र भट्ट का मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया था। भट्ट का आरोप है कि तहसील प्रशासन ने मकान के टूटने के बाद सर्वे तो किया, लेकिन जिला प्रशासन को गलत रिपोर्ट दे दी। इसी कारण क्षतिग्रस्त मकान का मुआवजा नहीं मिल पाया। बृहस्पतिवार से भट्ट ने डीएम कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
राजकीय प्राथमिक विद्यालय धुरौली में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत भट्ट का कहना है कि यह मामला डीएम के सामने रखा गया था। डीएम सी रविशंकर ने तहसीलदार को मकान को हुए नुकसान को फिर से आकलन करने के आदेश दिए थे, लेकिन तहसीलदार ने दोबारा भी अपनी रिपोर्ट गलत बना दी।
विज्ञापन
भट्ट को समर्थन देने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार के पास कोई दूसरा मकान नहीं है। मरम्मत के लिए उनके पास पैसा नहीं है। यदि सरकार से मकान की क्षति का मुआवजा मिल जाता तो इस परिवार का संकट दूर हो जाता। उन्होंने ऐलान किया कि यदि तीन दिन के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह भी अनशन पर बैठ जाएंगे। बृहस्पतिवार को मनोज सिंह महर और हर्षवर्धन ज्याला ने भट्ट के समर्थन में धरना दिया।
विज्ञापन