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Pithoragarh News: 1962 के युद्ध में शहीद कन्याल को पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
Sat, 15 Nov 2025 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 15 Nov 2025 10:55 PM IST
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डीडीहाट के ननपापो में शहीद नैन सिंह कन्याल की मूर्ति पर पुष्प अर्पित करते लोग। स्रोत : पूर्व सै
पिथौरागढ़। वर्ष 1962 में देश के लिए युद्ध लड़ते हुए शहीद हुए डीडीहाट के ननपापौ निवासी नैन सिंह कन्याल को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व सैनिकों के साथ ही ग्रामीणों और परिजनों ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
ननपापो निवासी नैन सिंह कन्याल का जन्म 24 दिसंबर 1942 को किशन सिंह कन्याल और खीमा देवी के घर हुआ। 25 दिसंबर 1661 को वह कुमाऊं रेजिमेंट में भर्ती हुए। बरेली में ट्रेनिंग के बाद उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश के वालोंग में हुई। तब चीन ने पूर्वी अरुणाचल प्रदेश में हमला कर दिया। 27 दिन तक देश के वीर सैनिकों ने चीनी सैनिकों के साथ युद्ध लड़ते हुए उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया।
इसी युद्ध में 15 नवंबर 1962 को नैन सिंह देश के लिए बलिदान हो गए। शनिवार उनके गांव में स्थापित मूर्ति पर पूर्व सैनिकों के साथ ही ग्रामीणों ने उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर नवीन गुरुरानी, शहीद की भाभी तुलसी देवी, आईटीबीपी की 11वीं वाहिनी के असिस्टेंट कमांडेंट दीवान सिंह कार्की, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भूपेंद्र सिंह धामी, हयात सिंह, गोविंद सिंह कन्याल, शेर सिंह चुफाल, हरीश महर, भूपाल सिंह, राजेंद्र, दयाल सिंह, विक्रम सिंह, श्याम विश्वकर्मा सहित कई पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग शामिल रहे।
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ननपापो निवासी नैन सिंह कन्याल का जन्म 24 दिसंबर 1942 को किशन सिंह कन्याल और खीमा देवी के घर हुआ। 25 दिसंबर 1661 को वह कुमाऊं रेजिमेंट में भर्ती हुए। बरेली में ट्रेनिंग के बाद उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश के वालोंग में हुई। तब चीन ने पूर्वी अरुणाचल प्रदेश में हमला कर दिया। 27 दिन तक देश के वीर सैनिकों ने चीनी सैनिकों के साथ युद्ध लड़ते हुए उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया।
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इसी युद्ध में 15 नवंबर 1962 को नैन सिंह देश के लिए बलिदान हो गए। शनिवार उनके गांव में स्थापित मूर्ति पर पूर्व सैनिकों के साथ ही ग्रामीणों ने उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर नवीन गुरुरानी, शहीद की भाभी तुलसी देवी, आईटीबीपी की 11वीं वाहिनी के असिस्टेंट कमांडेंट दीवान सिंह कार्की, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भूपेंद्र सिंह धामी, हयात सिंह, गोविंद सिंह कन्याल, शेर सिंह चुफाल, हरीश महर, भूपाल सिंह, राजेंद्र, दयाल सिंह, विक्रम सिंह, श्याम विश्वकर्मा सहित कई पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग शामिल रहे।
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