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Pithoragarh News: ऑपरेशन मेघदूत के बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि
Thu, 30 May 2024 11:13 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 30 May 2024 11:13 PM IST
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पिथौरागढ़ के कासनी में शहीदों को श्रद्धांजलि देते सेना के अधिकारी और पूर्व सैनिक। स्रोत : पूर्
पिथौरागढ़। शहीद स्थल कासनी में पूर्व सैनिकों और 119 ब्रिगेड, 2/11जीआर यूनिट की ओर से 1984 में ऑपरेशन मेघदूत में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को याद किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि 1984 में ऑपरेशन मेघदूत के कारण ही आज सियाचिन का विशेष भूभाग भारत का हिस्सा है। इस ऑपरेशन मेघदूत के आरंभ में 19 कुमाऊं रेजीमेंट के 20 सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। 19 कुमाऊं रेजीमेंट देश की एकमात्र और पहली ऐसी यूनिट है जिसने पैदल सर्वाधिक ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्र पर चढ़ने और विजय प्राप्त करने का गौरव हासिल किया है।
इस दौरान कर्नल विक्रम सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल करन सिंह, सूबेदार मेजर गणेश सिंह, सू. मेजर दान सिंह, सूबेदार रमेश सिंह महर, सू. मेजर देव सिंह भाटिया, कैप्टन ललित सिंह (सेना मेडल), कैप्टन विक्रम सिंह, नवीन गुरुरानी, महेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, अनिल चंद्र आदि पूर्व सैनिक थे। संवाद
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वक्ताओं ने कहा कि 1984 में ऑपरेशन मेघदूत के कारण ही आज सियाचिन का विशेष भूभाग भारत का हिस्सा है। इस ऑपरेशन मेघदूत के आरंभ में 19 कुमाऊं रेजीमेंट के 20 सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। 19 कुमाऊं रेजीमेंट देश की एकमात्र और पहली ऐसी यूनिट है जिसने पैदल सर्वाधिक ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्र पर चढ़ने और विजय प्राप्त करने का गौरव हासिल किया है।
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इस दौरान कर्नल विक्रम सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल करन सिंह, सूबेदार मेजर गणेश सिंह, सू. मेजर दान सिंह, सूबेदार रमेश सिंह महर, सू. मेजर देव सिंह भाटिया, कैप्टन ललित सिंह (सेना मेडल), कैप्टन विक्रम सिंह, नवीन गुरुरानी, महेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, अनिल चंद्र आदि पूर्व सैनिक थे। संवाद
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