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Pithoragarh News: झूलाघाट में ग्राहकों के लिए व्यापारियों में हो रही धक्का-मुक्की
Sun, 25 Feb 2024 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 25 Feb 2024 10:58 PM IST
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल के प्रसिद्ध पर्व विशु को मनाने के लिए भारत से नेपाली नागरिक अपने वतन लौट रहे हैं। यह लोग अपने घर के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित झूलाघाट कस्बे से सामान खरीदते हैं। बाजार में अपनी-अपनी दुकान से सामान की बिक्री के लिए व्यापारियों में धक्का-मुक्की हो रही है। इससे क्षेत्र के लोग काफी व्यथित हैं।
पड़ोसी देश नेपाल के हुमली-जुमली, बजांग और बाजूरा के मजदूर भारत में काम करने आते हैं। मार्च-अप्रैल के महीने में विशु का पर्व मनाने के लिए सभी नेपाली मजदूर अपने घर लौटते हैं। मजदूरों के झूलाघाट में वाहन से उतरते ही कुछ स्थानीय व्यापारी इनसे खींचतान कर घसीटते हुए अपनी दुकान के अंदर ले जा रहे हैं। इस खींचतानी के चक्कर में कुछ व्यापारी आपस में भिड़ भी रहे हैं।
स्थानीय निवासी एवं अन्य व्यापारी इन गरीब मजदूरों के साथ ऐसे अमानवीय व्यवहार से काफी क्षुब्ध हैं। नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक इजरवाल ने कहा है कि कोई भी व्यापारी गरीब मजदूरों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार कतई न करें जिससे यहां की छवि खराब हो। संवाद
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नेपाल में विशु का है काफी महत्व
झूलाघाट। वर्तमान में जहां संचार क्रांति के चलते सभी लोगों के पास मोबाइल हैं। कुछ समय पूर्व तक चिट्ठी-पत्री ही कुशलक्षेम का एक मात्र विकल्प हुआ करता था। तब नेपाल के मजदूर वर्ग के लोग मार्च-अप्रैल में विशु के त्योहार से पहले पहुंच जाया करते थे। त्योहार तक जो मजदूर भारत से घर नहीं पहुंचता था उसे मरा हुआ घोषित कर दिया जाता था। यह पुराना चलन अभी भी चला हुआ है। इसके चलते झूलाघाट बाजार में अपने घर नेपाल जाने के लिए मजदूरों की भीड़ होने लगी है। संवाद
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पड़ोसी देश नेपाल के हुमली-जुमली, बजांग और बाजूरा के मजदूर भारत में काम करने आते हैं। मार्च-अप्रैल के महीने में विशु का पर्व मनाने के लिए सभी नेपाली मजदूर अपने घर लौटते हैं। मजदूरों के झूलाघाट में वाहन से उतरते ही कुछ स्थानीय व्यापारी इनसे खींचतान कर घसीटते हुए अपनी दुकान के अंदर ले जा रहे हैं। इस खींचतानी के चक्कर में कुछ व्यापारी आपस में भिड़ भी रहे हैं।
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स्थानीय निवासी एवं अन्य व्यापारी इन गरीब मजदूरों के साथ ऐसे अमानवीय व्यवहार से काफी क्षुब्ध हैं। नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक इजरवाल ने कहा है कि कोई भी व्यापारी गरीब मजदूरों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार कतई न करें जिससे यहां की छवि खराब हो। संवाद
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नेपाल में विशु का है काफी महत्व
झूलाघाट। वर्तमान में जहां संचार क्रांति के चलते सभी लोगों के पास मोबाइल हैं। कुछ समय पूर्व तक चिट्ठी-पत्री ही कुशलक्षेम का एक मात्र विकल्प हुआ करता था। तब नेपाल के मजदूर वर्ग के लोग मार्च-अप्रैल में विशु के त्योहार से पहले पहुंच जाया करते थे। त्योहार तक जो मजदूर भारत से घर नहीं पहुंचता था उसे मरा हुआ घोषित कर दिया जाता था। यह पुराना चलन अभी भी चला हुआ है। इसके चलते झूलाघाट बाजार में अपने घर नेपाल जाने के लिए मजदूरों की भीड़ होने लगी है। संवाद