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Pithoragarh News: दारमा घाटी में स्थानीय संस्कृति से रूबरू हो रहे पर्यटक
Mon, 12 Jun 2023 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 12 Jun 2023 11:07 PM IST
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दारमा घाटी के दांतू गांव में स्थानीय व्यंजन का आनंद लेते विदेश पर्यटक। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत क्षेत्र में मौसम खुशगवार होने से पिछले माह में ही दारमा, चौदास और व्यास घाटी में सात हजार से अधिक पर्यटकों ने धार्मिक और पर्यटन स्थलों को देखा। पर्यटक शिव, गबला देव मंदिर, पंचाचूली शिखर, ओम पर्वत, व्यास गुफा, आदि कैलाश, पार्वती कुंड, गौरी कुंड और नारायण आश्रम के दर्शन कर रोमांचित हो रहे हैं।
दारमा घाटी में होम स्टे से जुड़े कारोबारी यात्रियों को धार्मिक और पर्यटन स्थलों के दर्शन कराने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति से भी रूबरू करा रहे हैं। घाटी में इस सीजन में अब तक करीब तीन हजार लोगों ने प्रसिद्ध दानवीरा जसुली शौक्याणी के गांव दांतू पहुंच पंचाचूली शिखर के दर्शन किए। क्षेत्र में पर्यटकों के आने से होम स्टे कारोबारियों और वाहन स्वामियों के चेहरे भी खिले हैं।
होम स्टे संचालक संजय जंग, गुड्डू जंग ने बताया कि दारमा घाटी में सड़क सुचारु होने और पंचाचूली शिखर की लोकप्रियता से अब तक रूस, नेपाल, दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, यूपी, पश्चिमी बंगाल से तीन हजार से अधिक पर्यटक आ चुके हैं।
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गुड्डू जंग ने बताया कि वह लोग यात्रियों को पंचाचूली जीरो प्वाइंट, चरखा हया टॉप ट्रैक के साथ दांतू गांव की महान दानवीरा जसुली शौक्याणी दताल के अंग्रेज शासन काल में 300 से अधिक बनाए गए धर्मशालाओं की कहानी के साथ स्थानीय संस्कृति की जानकारी भी दे रहे हैं।
बाक्स
दारमा की सुंदरता से हुए प्रभावित
धारचूला। पश्चिमी बंगाल से आए यात्री यूके भट्टाचार्य ने बताया कि वह अपने परिजनों के साथ पंचाचूली दर्शन के लिए आए हैं। यहां की नैसर्गिक सुंदरता से सभी बहुत प्रभावित हैं। कहा कि सरकार यदि दारमा घाटी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए तो यात्रियों की संख्या एक सीजन में दस हजार तक पहुंच सकती है। संवाद
बाक्स
व्यास घाटी दर्शन को बने चार हजार पास
धारचूला। उपजिलाधिकारी कार्यालय के कनिष्ठ सहायक मुकेश ठगुन्ना ने बताया कि व्यास घाटी जाने के लिए चार मई से इनर लाइन पास जारी हुए। सोमवार तक चार हजार लोगों के पास बन चुके है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रात 9 बजे तक भी पास बनाए जा रहे हैं। अब तक नेपाल के छांगरू और तिंकर गांव के लोगों के लिए 1400 ट्रांजिट पास भी जारी हो चुके हैं। संवाद
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दारमा घाटी में होम स्टे से जुड़े कारोबारी यात्रियों को धार्मिक और पर्यटन स्थलों के दर्शन कराने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति से भी रूबरू करा रहे हैं। घाटी में इस सीजन में अब तक करीब तीन हजार लोगों ने प्रसिद्ध दानवीरा जसुली शौक्याणी के गांव दांतू पहुंच पंचाचूली शिखर के दर्शन किए। क्षेत्र में पर्यटकों के आने से होम स्टे कारोबारियों और वाहन स्वामियों के चेहरे भी खिले हैं।
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होम स्टे संचालक संजय जंग, गुड्डू जंग ने बताया कि दारमा घाटी में सड़क सुचारु होने और पंचाचूली शिखर की लोकप्रियता से अब तक रूस, नेपाल, दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, यूपी, पश्चिमी बंगाल से तीन हजार से अधिक पर्यटक आ चुके हैं।
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गुड्डू जंग ने बताया कि वह लोग यात्रियों को पंचाचूली जीरो प्वाइंट, चरखा हया टॉप ट्रैक के साथ दांतू गांव की महान दानवीरा जसुली शौक्याणी दताल के अंग्रेज शासन काल में 300 से अधिक बनाए गए धर्मशालाओं की कहानी के साथ स्थानीय संस्कृति की जानकारी भी दे रहे हैं।
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दारमा की सुंदरता से हुए प्रभावित
धारचूला। पश्चिमी बंगाल से आए यात्री यूके भट्टाचार्य ने बताया कि वह अपने परिजनों के साथ पंचाचूली दर्शन के लिए आए हैं। यहां की नैसर्गिक सुंदरता से सभी बहुत प्रभावित हैं। कहा कि सरकार यदि दारमा घाटी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए तो यात्रियों की संख्या एक सीजन में दस हजार तक पहुंच सकती है। संवाद
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व्यास घाटी दर्शन को बने चार हजार पास
धारचूला। उपजिलाधिकारी कार्यालय के कनिष्ठ सहायक मुकेश ठगुन्ना ने बताया कि व्यास घाटी जाने के लिए चार मई से इनर लाइन पास जारी हुए। सोमवार तक चार हजार लोगों के पास बन चुके है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रात 9 बजे तक भी पास बनाए जा रहे हैं। अब तक नेपाल के छांगरू और तिंकर गांव के लोगों के लिए 1400 ट्रांजिट पास भी जारी हो चुके हैं। संवाद