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Pithoragarh News: तीन बुजुर्ग कंधों ने पीठ पर 10 किलोमीटर ढोई सिस्टम की बेरुखी

Tue, 19 Aug 2025 10:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 19 Aug 2025 10:44 PM IST
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Three elderly people carried the system's indifference for 10 kilometers on their backs
बंगापानी के मेतली में बीमार को पीठ पर ढोकर मुख्य सड़क तक पहुंचाते ग्रामीण। स्रोत:ग्रामीण।
बंगापानी (पिथौरागढ़)। पहाड़ पर न जाने कितने ही गांवों की कहानी है जहां मरीजों को डोली पर ढोकर पहले मुख्य सड़क तक और फिर वाहन से अस्पताल पहुंचाया जाता है लेकिन इस बार की घटना सिस्टम की बेरुखी पर गहरी चोट करने वाली है। तहसील के दूरस्थ गांव मेतली में एक बुजुर्ग की तबीयत खराब हुई तो गांव में उन्हें डोली से लाने तक के लिए युवाओं के कंधे नहीं मिले। गांव में मौजूद तीन अन्य बुजुर्गों ने उन्हें अपने कंधों पर 10 किलोमीटर ढोकर सड़क तक पहुंचाया। तब जाकर उन्हें वाहन नसीब हुआ और मरीज को जिला अस्पताल में इलाज।
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मेतली के देवलेख तोक निवासी हरमल सिंह (64) का स्वास्थ्य मंगलवार को अचानक बिगड़ गया। तेज बुखार के कारण वह चलने में भी असमर्थ हो गए थे। उनके दो बेटे नौकरी के लिए बाहर गए हुए हैं। एक बेटे की बहू और बच्चे भी उन्हीं के साथ बाहर ही रहते हैं। यहां परिवार में बुजुर्ग के साथ पत्नी और एक बहू है। गांव के अधिकतर युवा भी रोजगार के लिए गांव छोड़ चुके हैं।
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गांव में पुरुषों के नाम पर सिर्फ तीन और बुजुर्ग सुंदर सिंह (58), गोविंद सिंह (62) और रूप सिंह (60) हैं। लंबे समय से मांग करने के बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंच सकी है। हरमल सिंह के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए तीनों बुजुर्गों ने एक-दूसरे को हौसला दिया और सिस्टम को आईना दिखाते हुए अपने कमजोर कंधों पर बारी-बारी से पीठ पर ढोकर हरमल सिंह को 10 किलोमीटर दूर जाराजिबली सड़क तक पहुंचाया।
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इसके बाद वाहन की व्यवस्था कर हरमल सिंह को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और उनका इलाज कराया। यहां हुई बातचीत में तीनों बुजुर्गों ने बताया कि गांव तक सड़क की मांग करते हुए कई साल बीत चुके हैं। नेताओं और जनप्रतिनिधियों से आश्वासन तो मिले पर रोड नहीं मिल सकी। बुजुर्गों ने कहा कि यदि गांव तक सड़क पहुंच जाए तो उन्हें काफी राहत मिल जाए। बता दें कि मेतली गांव की आबादी करीब 1500 है।

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