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Pithoragarh News: डॉ. सर्वपल्ली का देश है पर यहां पढ़ाने के लिए न राधा हैं न ही कृष्णन

Mon, 26 Feb 2024 10:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 26 Feb 2024 10:07 PM IST
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This is the country of Dr. Sarvepalli but there is neither Radha nor Krishnan to teach here.
पिथौरागढ़। शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई जाती है। उत्तराखंड नई शिक्षा नीति को लागू करने वाला 12 जुलाई 2022 को भारत का प्रथम राज्य बन गया था। सरकार ने बड़ी धूमधाम से समारोह का आयोजन कर राष्ट्रीय स्तर पर इसका खूब प्रचार भी किया था लेकिन वर्तमान में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के हाल ठीक नहीं हैं। भौगोलिक रूप से दुर्गम और गरीब विद्यार्थियों के लिए स्थापित स्कूल शिक्षक-शिक्षिकाएं विहीन हैं और धीरे-धीरे ये विद्यालय छात्र विहीन भी हो रहे हैं। शिक्षा विभाग के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं।
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सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में बीते तीन वर्ष में 158 प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं। 37 प्राथमिक विद्यालय शिक्षक-शिक्षिकाएं विहीन हैं। 439 प्राथमिक विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे हैं। पिथौरागढ़ जिले में ही 471 प्राथमिक सहायक अध्यापक के पद खाली हैं। दूसरी ओर देखें तो प्राइमरी गुरना और जाजर चिंगरी में छात्र संख्या में वृद्धि के साथ नवाचारी कार्यक्रमों की पूरे देशभर में सराहना हो रही है।
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नैनीताल जनपद में 183 प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या दहाई के आंकड़े से कम हो गई है। लंबित भर्तियों के बीच शिक्षा विभाग ने 2350 सहायक अध्यापक के पदों पर अधियाचन प्रस्तुत किया है जो ठंडे बस्ते में चला गया है। संवाद
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प्राइमरी स्कूलों में 20,823 पद सृजित, 3645 पद रिक्त
पिथौरागढ़। प्रदेश में दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों का भविष्य तैयार करने के लिए एक मात्र आशा राजकीय प्राथमिक विद्यालय हीं है। मार्च 2023 तक राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 20,823 सृजित पदों के सापेक्ष 3,645 पद रिक्त हैं। राज्य भर में सृजित कुल पदों के सापेक्ष 17.5 प्रतिशत पद रिक्त हैं जो मार्च 2024 के बाद और बढ़ जाएंगे। नवीन शिक्षण सत्र शुरू होने को है। कागजी जहाज उड़ाने के बजाय ठोस कार्यनीतियों की वर्तमान में आवश्यकता है। संवाद

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जिला - सृजित पद - रिक्त पद

नैनीताल- 1344 - 136

अल्मोड़ा- 1888- 392
बागेश्वर- 766- 239

चंपावत- 850 - 173
पिथौरागढ़- 1783 - 536

ऊधमसिंह नगर- 2190- 294
पौड़ी - 2079 - 421

चमोली - 1526 - 469
रुद्रप्रयाग - 856 - 258

टिहरी - 2095 - 351
उत्तरकाशी - 1319 - 222

हरिद्वार- 2298 - 154
देहरादून - 1829 - शून्य

कोट
खाली पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जानी है। उन जिलों में प्राथमिकता से शिक्षकों को भेजा जाएगा जहां पद सर्वाधिक खाली हैं और छात्र संख्या अधिक है। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं- बंशीधर तिवारी, डीजी शिक्षा, उत्तराखंड।
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