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उल्लास के साथ निकला उल्कादेवी का डोला
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 16 Apr 2016 10:30 PM IST
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उल्कादेवी का डोला
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय से सटे सेरा गांव में शनिवार को अटूट आस्था और अपार उल्लास के बीच उल्कादेवी का डोला उठा। इससे पहले दो दिन तक सेरा गांव में देवी के जागर लगे। उल्कादेवी का डोला हर साल चैत्र नवरात्रि की दशमी के दिन निकलता है। उल्कादेवी को रोगनाशक देवी के रूप में पूजा जाता है। सच्चे भाव से पूजा करने पर देवी लोगों की मनोकामना भी पूरी करती है। गांव के सभी लोग इस आयोजन में हिस्सा लेते हैं।
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शनिवार अपरान्ह करीब पांच बजे सेरा गांव में मुख्य स्थल पर डोले का पूजन हुआ। उसके बाद जयकारों के साथ लोग डोले को लेकर पहले कालसिन मंदिर पहुंचे। उसके बाद कालिका मंदिर और भवानी मंदिर तक डोले को ले जाया गया। विसर्जन के लिए डोले को उल्कादेवी मंदिर परिसर तक लाया गया। वहां पर देवडांगर ने लोगों को आशीर्वाद दिया। इस बार उल्कादेवी के देवडांगर अशोक मेहता थे। उन पर देवी का अवतरण हुआ है। उनके साथ कवींद्र मेहता, हरीश मेहता और डंपी पर भी लोकदेवताओं का अवतरण हुआ। ढोल नगाड़ों के साथ जैसे ही सेरा गांव से डोला उठा तो सारा माहौल गुंजायमान हो गया।
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डोला खींचते समय लोग जयकारे लगा रहे थे। इसकी गूंज दूर तक सुनाई दे रही थी। आस्था का ऐसा अद्भुुत दृश्य बहुत कम देखने को मिलता है। लोगों ने उल्कादेवी से गांव में सुख, शांति की कामना की। डोले निकलते समय नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता खीमराज जोशी, सेरा गांव के समाजसेवी लाल सिंह मेहता, गजेंद्र सिंह मेहता, पुष्कर मेहता, महिपाल मेहता, नरेंद्र मेहता, लक्ष्मण मेहता, प्रेम सिंह, विजेंद्र मेहता, नवीन मेहता समेत कई बच्चे और महिलाएं मौजूद थीं।
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