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डरा रही थी लड़ाकू विमानों की आवाज
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तनुश्री यूक्रेन से सुरक्षित घर पहुंची तो पिता की आंखे भर आई और बेटी को गले लगा लिया। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन में फंसे छात्रों को भारत लाया जा रहा है। पिथौरागढ़ के चार छात्र यूक्रेन में फंसे थे, इनमें से तनुश्री पांडेय बृहस्पतिवार को घर पहुंच गई हैं। उनके पिथौरागढ़ पहुंचने पर चाचा प्रदीप पांडेय गाड़ी लेकर गुरना मंदिर पहुंचे। घर में मां सरोज पांडे ने तिलक लगाया और पिता महेश पांडे ने शंखध्वनि से बेटी का स्वागत किया। तनुश्री के घर पहुंचने पर बच्चों ने अपनी दीदी के स्वागत में वेलकम बैक केक बनाया था।
यूक्रेन के पश्चिम इवानो फ्रेंकलिन मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा तनुश्री ने बताया कि जिस स्थान पर वह थी, वहां खतरा थोड़ा कम था। युद्धक विमान की आवाज हर वक्त उन्हें और अन्य बच्चों को डरा रही थी। उन्होंने बताया कि खारकीव और कीव में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। वहां भारत सहित कई अन्य देशों के हजारों युवा बंकरों में छिपे हुए हैं। रोमानिया बार्डर पहुंचने के लिए उन्हें 15 से 16 किमी पैदल चलना पड़ा। उन्हें रोमानिया एयरपोर्ट में चार घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। बताया कि पश्चिम इवानो में ज्यादा दिक्कत नहीं है।
पिथौरागढ़ के तीन और बच्चे फंसे
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के तीन और बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं। तन्मय मेहता पुत्र स्व. दीपक मेहता निवासी रई धनौड़ा नेशनल पिपेगा मेमोरियल मेडिकल यूनिवर्सिटी, नैनीसेनी निवासी पवन सिंह महर खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें सुरक्षित रोमानिया पहुंचा दिया गया है। यूक्रेन में फंसी श्रद्धा बनकोटी भी हंगरी पहुंच गई हैं।
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यूक्रेन के पश्चिम इवानो फ्रेंकलिन मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा तनुश्री ने बताया कि जिस स्थान पर वह थी, वहां खतरा थोड़ा कम था। युद्धक विमान की आवाज हर वक्त उन्हें और अन्य बच्चों को डरा रही थी। उन्होंने बताया कि खारकीव और कीव में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। वहां भारत सहित कई अन्य देशों के हजारों युवा बंकरों में छिपे हुए हैं। रोमानिया बार्डर पहुंचने के लिए उन्हें 15 से 16 किमी पैदल चलना पड़ा। उन्हें रोमानिया एयरपोर्ट में चार घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। बताया कि पश्चिम इवानो में ज्यादा दिक्कत नहीं है।
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पिथौरागढ़ के तीन और बच्चे फंसे
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के तीन और बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं। तन्मय मेहता पुत्र स्व. दीपक मेहता निवासी रई धनौड़ा नेशनल पिपेगा मेमोरियल मेडिकल यूनिवर्सिटी, नैनीसेनी निवासी पवन सिंह महर खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें सुरक्षित रोमानिया पहुंचा दिया गया है। यूक्रेन में फंसी श्रद्धा बनकोटी भी हंगरी पहुंच गई हैं।
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