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बारिश से जिले की आठ ग्रामीण सड़कें बंद होने से मुश्किलें बढ़ी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 11:27 PM IST
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The problems increased due to the closure of eight rural roads of the district due to rain.
पिथौरागढ़ नगर के कृष्णापुरी में एक घर में घुसा बारिश का पानी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भारी बारिश के कारण आठ ग्रामीण सड़कें बंद रहीं। जगह-जगह भूस्खलन होने से मकानों को भी खतरा हो गया है। इधर, भूस्खलन के चलते ग्रामीणों के खेत मलबे में तब्दील हो रहे हैं।
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जिले में भारी बारिश के कारण अभी भी आठ ग्रामीण सड़कें नहीं खुल पाई हैं। दिल्ली बैंड- समकोट, बांसबगड़- कोटा-पंद्रहपाला, कालिका- खुमती, आदिचौरा-छिड़ी, बैराज जुब्बर-बोगाड़, बोक्टा-भंडारीगांव रजवार, क्वीतड़- हल्दू, सैनीखेत-छिलौड़ी- मुनस्यारी मार्ग बंद हैं। सड़कें बंद होने से लोगों के लिए पैदल आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। प्रशासन सड़कें खुलवाने के प्रयास में जुटा है, लेकिन रोज हो रही बारिश के चलते मलबा लगातार सड़कों पर आ रहा है। ऐसे में पूर्ण रूप से सड़क खोल पाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
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रविवार की सुबह बार्डर सड़क समेत 21 मार्ग बंद थे, लेकिन शाम तक मशीनें लगाकर 13 सड़कों को खोल दिया गया। बारिश के चलते नगर क्षेत्र में भी हालात बेहद खराब हो रहे हैं। नाली निकासी की व्यवस्था न होने के चलते बारिश का रास्तों पर भर जा रहा है। नगर के कृष्णा पुरी वार्ड में आईडी जोशी के परिवार को शनिवार को हुई बारिश की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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पिथौरागढ़-टनकपुर एनएच पर हनुमान मंदिर के पास से पानी सड़क से नीचे मलबे समेत आ गया जिसके चलते उनके घर में पानी भर गया। इससे उनका जरूरी सामान भी खराब हो गया। परिवार के लोग रात भर घर से पानी निकालने में लगे रहे। परिवार के सदस्योें लक्ष्मण सिंह, मनोज सिंह, रवि आदि किसी तरह बारिश का पानी घर से बाहर निकाला। इसके अलावा मुनस्यारी में शनिवार की रात भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की वजह से सांई धूरा(साइंपोलु) में गोकर्ण सिंह और प्रतिमन बिष्ट के मकान खतरे में आ गए। उन्हें एहतियातन गांव में अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है।
पुतला तोक में भूस्खलन से कई परिवारों को खतरा
नाचनी (पिथौरागढ़)। जिले के दूरस्थ गांव नामिक के पुतला तोक में बड़ी मात्रा में भूस्खलन होने से यह क्षेत्र खतरे में आ गया है। रामगंगा नदी के कटाव से पुतला तोक में कटाव हो रहा है। पुतला और रामगंगा तक 400 मीटर भूस्खलन से गहरी खाई बन गई है। कृषि भूमि में लगातार भूस्खलन हो रहा है। चट्टानें टूटकर रामगंगा में समा रही हैं। तोक के नौ परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं नामिक गोगिना पैदल मार्ग भी बारिश के चलते जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों के लिए सामान ले जाना मुश्किल हो गया है। संवाद

काली नदी का जल स्तर खतरे के निशान से .40 मीटर नीचे
पिथौरागढ़। रोजाना बारिश के चलते काली नदी का जल स्तर भी बढ़ गया है। काली नदी 889.50 मीटर पर बह रही है जो चेेतावनी स्तर से .50 मीटर अधिक है। नदी का खतरे का निशान 890 मीटर है। नदी का लगातार जल स्तर बढ़ने के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों को नदी के पास न जाने की सलाह दी है। वहीं लगातार हो रही बारिश से जनजीवन भी अस्त व्यस्त है। बेड़ीनाग में 30 मिमी, पिथौरागढ़ में 28.40 मिमी, डीडीहाट में 26.40, मुनस्यारी में 14.20, धारचूला में 12 और गंगोलीहाट 5.50 मिमी बारिश हुई। संवाद

नाचनी क्षेत्र के पुतला में जान जोखिम में डालकर सामान ले जाती महिला। संवाद

नाचनी क्षेत्र के पुतला में जान जोखिम में डालकर सामान ले जाती महिला। संवाद- फोटो : PITHORAGARH

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